नई दिल्ली: सोशल मीडिया ट्विटर पर #BoycottHyundai हैशटैग ट्रेंड कर रहा है। पूरा मामला कश्मीर से जुड़ा हुआ है। दरअसल पाकिस्तान 5 फरवरी को कश्मीरी एकता दिवस मनाता है। इसी दिन को अपने अंदाज में मनाते हुए हुंडई कंपनी की पाकिस्तान यूनिट के सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट किया गया। इस पोस्ट में लिखा था- अपने कश्मीरी भाइयों के बलिदान को याद करें और उनके समर्थन में खड़े हों, क्योंकि वे आजादी के लिए लगातार लड़ रहे हैं।
साउथ कोरिया की कंपनी हुंडई की पाकिस्तानी इकाई के सोशल मीडिया हैंडल पर इस पोस्ट ने भारतीयों का गुस्सा बढ़ा दिया। देखते ही देखते भारतीय यूजर्स ने हुंडई को उसकी असलियत दिखाते हुए पाकिस्तान में उसकी हैसियत भी दिखा दी। यूजर्स ने कहा- हुंडई कंपनी दुनिया के सबसे बड़े बाजार (भारत) को समझने में भूल कर गई, अब भारतीय उसे घुटने पर लाएंगे। इसके बाद हुंडई पाकिस्तान का पोस्ट डिलीट हो गया, लेकिन उसके स्क्रीन शॉट्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।
एक यूजर ने लिखा- 2021 में हुंडई मोटर्स की कारों की बिक्री भारत में 5 लाख 50 हजार, जबकि पाकिस्तान में 8 हजार। इसके बावजूद हुंडई ने अपने पाकिस्तानी हैंडल के जरिए भारत को चोट पहुंचाई है। या तो वे बेहद मूर्ख हैं या फिर उनमें बिजनेस सेंस की कमी है। हो सकता है कि उनकी पीआर टीम किसी लायक नहीं, जिसने उन्हें बायकॉट हुंडई के कगार पर खड़ा कर दिया।
पाकिस्तान में हुंडई का दो साल का बाजार
पाक व्हील्स डॉट कॉम के मुताबिक, 2020 में हुंडई निशात की दो कारें पाकिस्तान में मौजूद थीं। एसयूवी हुंडई टकसन और पिकअप ट्रक हुंडई पोर्टर। उस साल कंपनी ने टकसन की 819 और पोर्टर की 768 यूनिट बेचीं। वहीं, 2021 में कुल 8141 कारों की बिक्री हुई।
