अयोध्या: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए बनाई जा रही नींव की पहली बार तस्वीरें सामने आई हैं। नींव की छह लेयर तैयार हो चुकी हैं। कुल 44 लेयर बनाई जानी हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सोमवार को कामकाज देखने के लिए मंदिर परिसर पहुंचे। कोरोना काल के बावजूद अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि परिसर में नींव के लिए लगातार खुदाई चल रही है और प्रभु श्री राम का मंदिर जल्द बने इसके प्रयास किए जा रहे हैं। ट्रस्ट ने विशेषज्ञों की सलाह से यह निर्णय किया गया कि नींव भराई का कार्य Roller Compacted Concrete तकनीक से किया जाएगा।
लगभग 1,20,000 स्क्वायर फ़ीट क्षेत्र में अभी 4 परत बिछाई जा चुकी हैं। कुल 40-45 ऐसी ही परत बिछाई जाएंगी। मंदिर निर्माण का कार्य लगातार चल रहा है। अक्टूबर माह तक यह कार्य पूर्ण होने की आशा है।
अक्टूबर के अंत तक बुनियाद भरने का काम पूरा हो जाएगा
ट्रस्ट का दावा है कि लगातार 18 से 20 घंटे काम हो रहा है और अक्टूबर के अंत तक बुनियाद भरने का काम पूरा हो जाएगा। काम समय पर पूरा करने के लिए 2 शिफ्टों में काम किया जा रहा है। 12- 12 घंटे की दो शिफ्ट कार्यदाई संस्था द्वारा कराई जा रही है, जिससे कि समय पर कार्य पूरा हो सके।

कोरोना का साया मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पर नहीं पड़ा
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 400 फीट लंबा 300 फीट चौड़ा और 50 फीट गहरा क्षेत्र से लगभग 120000 घन मीटर मलबा हटाया गया था। अब इसको भरने का काम जारी है। चंपत राय के अनुसार, राम जन्मभूमि परिसर में 4 लेयर अब तक कंप्लीट हो चुकी हैं। एक फीट मोटी लेयर बिछाना और रोलर पर कांटेक्ट करने में 4 से 5 दिन लग रहे हैं। कोरोना का साया मंदिर निर्माण की प्रक्रिया पर नहीं पड़ा है।

नींव से निकली मिट्टी को प्रसाद के रूप में ले जा रहे हैं श्रद्धालु
अयोध्या में राम मंदिर नींव की खुदाई से निकली मिट्टी को राम मंदिर की धरोहर का रूप देकर इसे घर-घर पहुंचाने की योजना पर काम शुरू किया गया था। रोजाना यहां रामलला का दर्शन करने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ इसे पवित्र रजकण मानकर इसकी पैक्ड डिब्बी अपने साथ ले जा रही थी। लेकिन कोरोना के कारण कुछ दिनों से यह बंद है।
