नई दिल्ली :वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध का जन्म इसी दिन हुआ था। Gautam buddh के बचपन का नाम सिद्धार्थ था। एक राजकुमार होने के बाद भी उन्होंने समस्त सांसारिक सुखों को त्याग कर कठिन तपस्या के बल पर ज्ञान प्राप्त किया। ज्ञान प्राप्ति के बाद ही सिद्धार्थ “गौतम बुद्ध” कहलाए।
वहीं इस बार यानि 2021 में बुधवार, 26 मई को वैशाख पूर्णिमा Vaishakh Purnima यानि बुद्ध पूर्णिमा है। यहां बता दें कि बुद्ध पूर्णिमा सिर्फ बौद्ध धर्म का ही नहीं अपितु समस्त भारतीय परम्परा का पावन त्यौहार है।
इस दिन को Hindu scriptures में भी पवित्र और अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन वैशाख स्नान और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्ण आहूति की जाती है जो पिछले एक महीने से चली आ रही है। इस दिन मंदिरों में हवन-पूजन किया जाता है।
इस दौरान आज बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर पीएम मोदी ने शुभकामनायें दी और कहा भगवान बुद्ध ने जीने के तरीके और प्रकृति मां के सम्मान पर जोर दिया। भारत उन कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है जो पेरिस के लक्ष्यों को पूरा करने की राह पर हैं।
Speaking at the Vesak Day programme.
We remember the noble ideals of Lord Buddha. https://t.co/JMmup8Mvtm
— Narendra Modi (@narendramodi) May 26, 2021
उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा- भगवान बुद्ध इस धरती के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं में से एक थे। भगवान बुद्ध की ओर से दिया गया शांति, भाईचारे और करुणा का शाश्वत संदेश विश्व के मनुष्यों को नैतिक मूल्यों और संतोष पर आधारित जीवन जीने की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।
