नई दिल्ली: कांग्रेस के स्टार प्रचारक आरपीएन सिंह मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा की सदस्यता दिलाई। उन्होंने आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी से इस्तीफा दिया था। सूत्रों के अनुसार वे सपा के स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कुशीनगर की पडरौना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
इस मौके पर आरपीएन सिंह ने कहा कि 32 साल जिस पार्टी में रहा, वो पार्टी अब वो पार्टी नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि पिछले सात साल में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जो उत्तर प्रदेश का विकास हुआ है वो पूरे देश ने देखा है। पूर्वांचल में जिन योजनाओं का सपना देखा जाता था वो आज लोगों ने हकीकत में देखा है। कानून व्यवस्था को जिस तरह से पिछले पांच सालों में ठीक करने का काम हुआ उसे पूरे देश ने देखा है।
आरपीएन सिंह की भाजपा में जाने की खबर महीने भर से सियासी गलियारे में चल रही थी, लेकिन वे इनकार करते रहे। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘आरपीएन सिंह जी का मैं भारतीय जनता पार्टी परिवार में स्वागत करता हूं। उनके साथ 2 अन्य साथी भी भाजपा में शामिल हुए हैं, मैं उनका भी पार्टी में स्वागत करता हूं।
कौन है आरपीएन सिंह
कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह (आरपीएन सिंह) को यूपी के पडरौना का राजा साहेब कहा जाता है। वह इसी नाम से प्रसिद्ध हैं। पडरौना बुद्ध स्थली है। यहां भगवान बुद्ध ने आखिरी बार भोजन किया था और भगवान राम ने भी कुछ दिन बिताए थे। यह क्षेत्र यूपी के कुशीनगर जिले के अंदर आता है।
आरपीएन सिंह 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर कुशीनगर से ही ताल ठोंका था। आरपीएन सिंह का ज25 अप्रैल 1964 को दिल्ली में हुआ था। वह पिछड़ी जाति सैंथवार-कुर्मी हैं। 2002 में उन्होंने पत्रकार सोनिया सिंह से शादी की। आरपीएन और सोनिया के तीन बेटियां हैं। आरपीएन के पिता कुंवर सीपीएन सिंह कुशीनगर से सांसद थे। वह 1980 में इंदिरा गांधी कैबिनेट में रक्षा राज्यमंत्री भी रहे।

