जयपुर: राजकीय कर्मचारियों की सेवाकाल में मृत्यु हो जाने पर किसी परिवार में सिर्फ विवाहित बेटियों के मृतक आश्रित होने की स्थिति को संवेदनशीलता से लेते हुए राजस्थान के मुख्यमन्त्री द्वारा माह अक्टूबर, 2021 में केबिनेट में निर्णय लिया गया था कि यदि मृत्यु के समय मृतक आश्रित की श्रेणी में किसी परिवार में सिर्फ विवाहत पुत्री ही सेवा के लिए पात्र है, तो ऐसी स्थिति में विभिन्न राज्यों एवं उच्च न्यायालयों के निर्णयों को दृष्टिगत रखते हुए विवाहित पुत्रियों को भी विवाहित पुरूषों की तर्ज पर महिलाओं को भी अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जा सकती है।
मुख्यमन्त्री गहलोत की इस अवधारणा को गम्भीरता से लेते हुए राजस्थान रोडवेज ने अपनी संचालक मण्डल की सितम्बर, 2021 में आयोजित 296वीं बैठक में निर्णय लेकर परिवहन विभाग की सहमति से न सिर्फ नियमों में संशोधन कर दिया, बल्कि आज वर्षों से उलझे तीन प्रकरणों में अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश लागू कर दिए है।
यह प्रकरण उन विवाहित पुत्रियों के थे जो तत्समय प्रचलित नियमों में प्रावधान नहीं होने के कारण नियुक्ति के पात्र नहीं थी, परन्तु राज्य सरकार की अधिसूचना एवं परिवहन विभाग के आदेशों के तहत अविवाहित होने की बंदिश हटने के कारण पात्रता की श्रेणी में आ गई। इसी क्रम में राजस्थान रोडवेज ने अपने बोर्ड में लिये गये निर्णय एवं मुख्यमन्त्री के केबिनेट में लिए गए निर्णय को दृष्टिगत रखते हुए इन प्रकरणों में एक बार फिर राजस्थान का अग्रणी राजकीय संस्थान होने का परिचय दिया है।
तत्कालीन निगम कर्मी स्व. नन्द किशोर, चालक, झालावाड़ आगार की विवाहिता पुत्री ज्योति पाटीदार, स्व. रमेश चन्द्र गुर्जर, चालक, चित्तौड़गढ आगार की विवाहिता पुत्री कविता गुर्जर एवं स्व. महेश कुमार बोहरा, कनिष्ठ अभियन्ता-बी, केन्द्रीय कार्यशाला जोधपुर की विवाहिता पुत्री शीला पुरोहित को कनिष्ठ लिपिक के पद पर नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं। इन्हीं प्रकरणों के साथ 9 अन्य प्रकरणों में मृतक आश्रितों के नियुक्ति आदेश भी आज जारी किये गये हैं, जिनको सम्मिलित करते हुए रोडवेज में पिछले 9 महीनों में अब तक कुल 371 प्रकरणों में नियुक्ति आदेश जारी किये गये हैं।
