जयपुर : पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद जी 23 एक बार फिर सक्रिय हो गया है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पहुंचे कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि दो साल पहले कुछ साथी पार्टी को सक्रिय करने के लिए आगे आए थे। 2 साल में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। दो साल पहले कोविड-19 के लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली आ सके ऐसे साथियों ने एक चिट्ठी लिखी थी। इसमें जी हजूरी नहीं थी। वे चाहते थे कि पार्टी अच्छी हो जाए। ज्यादा एक्टिव हो जाए। इसीलिए उनके साथी लिखकर ये बताना चाहते थे कि पार्टी को रिवाइव करने का कोई उपाय निकले। इस बात को 2 साल हो चुके हैं, अब तक कोई ज्यादा बदलाव हो नहीं पाए हैं। इसलिए कह रहे हैं कि कुछ प्रोग्रेस होनी चाहिए। कुछ बदलाव होने चाहिए। थरूर जेएलएफ (जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल) के सेशन में बोल रहे थे।
यूपी के रिजल्ट को लेकर थरूर ने कहा कि बहुत से लोग इंतजार नहीं कर रहे थे कि भाजपा बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। कैसे बनी इस पर मंथन किया जा रहा है। ये भी मानना चाहिए कि समाजवादी पार्टी का वोट बहुत बढ़ गया। इससे एक अच्छा विपक्ष भी होगा। उन्होंने मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर पार्टी को मोटिवेट करने के सवाल पर कहा कि वो एक देश प्रेमी है। वो भारत को अच्छे नजरिए से महान देखना चाहते हैं। बड़ी छाती और मसल्स के नजरिए से नहीं, एजुकेशन और बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए अभी भी संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।
मोदी जबरदस्त और डायनामिक व्यक्ति
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर थरूर ने कहा कि वो जबरदस्त और डायनामिक व्यक्ति हैं। उन्होंने बहुत कुछ ऐसा किया है जो राजनीतिक नजरिए से काफी इंप्रेसिव है, लेकिन उनका एक नकारात्मक पहलू ये है। उनकी कार्यशैली अपने देश को जाति, धर्म, संप्रदाय के नाम पर बांटने का काम करती है। ये समाज के लिए जहर है। ये उनके अकेले का नहीं बल्कि उनके पार्टी और परिवार का काम है। उन्होंने कहा कि उनके नजरिए में सिर्फ जय श्री राम बोलने वाला ही हिंदू नहीं। जब किसी के विश्वास को लेकर सवाल उठाए जाते हैं तो वो गलत है। यही देश में चिंता का विषय भी है।
जनता हमेशा से हैरान करने का हुनर रखती है – थरूर
वहीं, पांच राज्यों के चुनावी परिणाम को लेकर उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में ज्यादातर लोग मान रहे थे कि नजदीकी मुकाबला होगा। हालांकि ऐसा देखने को नहीं मिला। आखिर में उन्होंने कहा कि देश की जनता हमेशा से हैरान करने का हुनर रखती आई है। एक दिन बीजेपी को भी करेगी। फिलहाल उन्होंने बीजेपी को वो दिया है, जो वो चाहती थी। वो ये नहीं कह सकते कि किसी भी साथी के राजनीतिक दल छोड़ने से इसकी भरपाई हो सकती है।
