जयपुर: गायत्री चेतना केन्द्र मुरलीपुरा की ओर से रविवार, छह मार्च को रामेश्वर धाम स्थित गौड़ विप्र भवन में सुबह नौ बजे से होने वाले पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ से पूर्व शनिवार को विकास नगर-बी से गाजे बाजे के साथ कलश और सद्ग्रंथ यात्रा निकाली गई। रवानगी से पूर्व कलश पूजन, पृथ्वी पूजन किया गया। व्यास पीठ से महेंद्र कुमार ने कहा कि भगवान को सिर पर धारण करने की सामर्थ्य नारी शक्ति में ही है। एक महिला ही अपनी कोख से अवतार को उत्पन्न कर सकती है। उन्होंने कहा कि कलश में सभी देवी देवताओं का वास होता है। इसलिए सभी मांगलिक कार्यों में कलश पूजन का विधान है।
चालो चालो सुहागन नार कलश सिर धारण करो…, हम गायत्री मां के बेटे तुम्हें जगाने आए …जैसे मांगलिक गीत और हम बदलेंगे युग बदलेगा, हम सुधरेंगे युग सुधरेगा जैसे जयघोष लगाते हुए कलश यात्रा रामेश्वर धाम, बैंक कॉलोनी, कलश यात्रा, पेट्रोल पंप होते हुए यज्ञ स्थल पहुुंची। मार्ग में जगह जगह पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया गया। शनिवार शाम को राष्ट्र जागरण दीपयज्ञ हुआ। सैंकड़ों दीपक प्रज्वलित कर अक्षत के माध्यम से गायत्री एवं महामृत्युंजय मंत्र के साथ विश्व कल्याण की कामना से यज्ञ देवता को आहुति अर्पित की थी। रविवार की सुबह 9 से 11 बजे तक गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी की महिला टोली यज्ञ संपन्न करवाएगी।

