Headlines

देवस्थान विभाग की श्रीमद् भागवत कथा में नंदोत्सव ‘‘नंद घर आनंद भयों, जय कन्हैया लाल की‘‘ उद्घोष के साथ खूत झूमे श्रोता

देवस्थान विभाग की श्रीमद्भागवत कथा में नंदोत्सव ‘‘नंद घर आनंद भयों, जय कन्हैया लाल की‘‘ उद्घोष के साथ खूत झूमे श्रोता

जयपुर। देवस्थान विभाग के सानिध्य में बलदेव मंदिर परशुराम द्वारा में आयोजित श्रीमद्भागवता कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग पर धूमधाम से नंदोत्सव मनाया गया। व्यास पीठ से कथा वाचन करते हुए श्री अकिंचन जी महाराज ने के सानिध्य में आयोजित नंदोत्सव के अवसर पर श्रोता खासतौर से महिलाएं नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की उद्घोष के साथ खूब नाचे-झूमे।

अकिंचन जी महाराज ने व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए नंद और यशोदा शब्दों की गूढ व्याख्या की। उन्होंने बताया कि नंद वह है जो अपनी वाणी और व्यवहार से आनंदित करें। वहीं यशोदा यश और दा दो संयुक्त शब्द है। इसकी व्याख्या करते हुए कहते है कि यशोदा यानी कि जो यश दूसरों को प्रदान करें और अपयष स्वयंग्रहण करे वही यशोदा है। उन्होंने कहा कि नंद और यशोदा बनने पर जीवन आनंद स्वरुप हो जाता है।

श्री राम और श्री कृष्ण की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि श्रीरामावतार स्वयं के आचरण से मानव धर्म की शिक्षा देना है, उनका जीवन अनुकरणीय है तो श्री कृष्णावतार में भगवान श्रीकृष्ण जो कहते हैं वह आदेशात्मक है और उसकी पालना की जानी चाहिए।

श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्री अकिंचन जी महाराज ने व्यासपीठ से श्री अंबरीष चरित्र, भगवान मत्स्यावतार, श्री राम कथ और जन्म कथा का भाव विभोरता के साथ प्रवचन करते हुए पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। श्रीमद्भागवत कथा में श्री अकिंचन जी महाराज शुक्रवार को नंद उत्सव मनाया जाएगा। इसके साथ ही श्री अंबरिष चरित्र, मत्स्यावतार, श्रीराम कथा और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंगों पर प्रवचन होगा। श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन देवस्थान विभाग द्वारा स्व. श्री जय दयाल शर्मा मेमोरियल एण्ड चेरिटेबल ट्रस्ट, निर्मल छाया विकास समिति और जनकल्याण आमेर रोड़ विकास समिति के सहयोग से किया गया है। कथा दोपहर एक बजे से सांय पांच बजे तक होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *