जयपुर : राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 9 मार्च से एक बार फिर स्कूलों में गरम खाना परोसा जाएगा। शिक्षा विभाग के ACS पवन कुमार गोयल ने प्रदेश के सभी कलेक्टर को आदेश जारी कर मिड-डे मील योजना शुरू करने का फैसला लिया है। जिसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों को पका हुआ खाना खिलाया जाएगा। इससे पहले कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले 2 साल से छात्रों को पोषाहार बनना बन्द था। उन्हें कोरोना काल में राशन किट दिए जा रहे थे।
कोरोना संक्रमण के बाद पिछले 2 साल से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले जरूरतमंद बच्चों को सूखे राशन के किट वितरित कर रही थी। इसके साथ ही कुछ जगहों पर राशन किट बेचने की भी शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद अब सरकार ने एक बार फिर स्कूलों में ही खाना बनाने के साथ खाना खिलाने की व्यवस्था को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। जिसके तहत स्कूल के 2 टीचर्स बच्चों को खाना खिलाने से पहले भोजन की गुणवत्ता को खा कर चेक करेंगे। उसके बाद ही स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भोजन परोसा जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पवन कुमार गोयल ने 9 मार्च से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में गर्म भोजन पकाने के आदेश जारी किए हैं। दो साल बाद सरकार के इस निर्णय से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को इंटरवेल में गर्म भोजन मिल सकेगा।
