जयपुर: विधानसभा सत्र की शुरुआत शुक्रवार को भी हंगामे के साथ हुई। दो साल पहले बजट में घोषित की गई पंचायत समिति स्तर पर गौशाला खोलने की योजना का काम अब तक शुरू नहीं हो सका, इस सवाल पर मंत्री के जवाब से नाराज बीजेपी विधायकों ने हंगामे के बाद वॉकआउट किया। प्रश्नकाल में बीजेपी विधायक सुभाष पूनिया के सवाल के जवाब में गौपालन मंत्री प्रमेाद जैन भाया ने कहा कि नंदीशाला खोलने की प्रक्रिया जारी है। इस पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि 2019 के बजट की घोषणा है। अभी तक प्रक्रिया ही जारी है, अब तक जिलों को केवल टोकन मनी दी है। मंत्री के जवाब के बीच ही नेता प्रतिपक्ष ने बोलना चाहा, लेकिन स्पीकर ने अनुमति नहीं दी। स्पीकर ने इसी बीच अगला सवाल पुकार लिया। बीजेपी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
इससे पहले गौपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि पंचायत समिति स्तर पर नंदीशाला बनाने का काम प्रगति पर है। सुभाष पूनिया के सवाल पर मंत्री भाया ने कहा कि हर नंदीशाला पर 1 करोड़ 57 लाख से ज्यादा खर्च होगा। इसके दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। नंदीशााला के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। संस्थाओं को नंदीशाला चलाने के लिए सरकार भागीदारी करेगी। नंदीशाला चलाने वाली संस्था के पास खुद की 20 बीघा जमीन हो और 20 साल तक चलाना जरूरी है, इसमें 90 फीसदी पैसा सरकार लगाएगी।
भाया ने कहा- व्यावहारिक नहीं थी योजना
गौपालन मंत्री भाया ने कहा, बीजेपी राज की नंदीशाला योजना व्यावहारिक नहीं थी, उसमें केवल 50 लाख ही दिए जा रहे थे, वह योजना धरातल पर नहीं आ सकी। हम इस योजना को बेहतर तरीके से लागू करना चाहते थे। किसी भी व्यावहारिक योजना को लागू करने में समय लगता है। इस योजना में बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी।
