जयपुर/नागौर: विगत दिनों नागौर जिले के डीडवाना थाना क्षेत्र में अचेत व गंभीर अवस्था में मिली एक दलित महिला ने अस्पताल में जीवन-मृत्यु के मध्य संघर्ष करते – करते आखिर दम तोड़ दिया। महिला की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से लेकर अब तक पूरे मामले में पुलिस का जो रवैया सामने आया। उससे यह जाहिर हो रहा है कि पुलिस ने मामला संज्ञान में आते ही संवेदनशीलता नही दिखाई। चुंकि महिला के लापता होते ही पूरा प्रकरण डीडवाना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आ गया। उसके बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही बरती गई यह बात सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करके व प्रेस बयान जारी करके कही। सांसद ने कहा की वर्तमान डीडवाना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जो लंबे समय तक नागौर जिले में वृताधिकारी पद पर कार्यरत रहे और उनकी लच्चर व विवादास्पद कार्यशैली के कारण उन्हें उस समय भी शिकायतन हटाया गया। इसलिए उन्हें यहां से तत्काल हटाया जाए। सांसद ने कहा की पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए व दोषी पुलिस के अफसरों व कार्मिको की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि अपराधियो व पुलिस महकमे के जिम्मेदारों के मध्य महिला की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से लेकर अब तक कई बार बाते हुई जो कॉल डिटेल के माध्यम से सामने आएगी। ,सांसद ने मृतका के परिजनों को आर्थिक पैकेज देने की भी मांग की।
यह भी कहा सांसद ने- सांसद ने कहा की उक्त प्रकरण में पुलिस लीपापोती करके घटना के कुछ जिम्मेदारों को बचाने का प्रयास का रही है ।साथ ही अपराधियों को सत्ता पक्ष के नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। इसलिए भी पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है ।उन्होंने पूरे मामले को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक एम एल लाठर से दूरभाष पर वार्ता करके घटना में संलिप्त सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने व उच्च स्तरीय निष्पक्ष अनुसंधान करने के निर्देश दिए है।सांसद ने कहा की डीडवाना सहित जिले व प्रदेश में बढ़ते आपराधिक मामले चिंता का विषय है।
पार्टी प्रतिनिधियों को भेजा अस्पताल-सांसद के निर्देशों के बाद आर एल पी पार्टी के प्रतिनिधियों को जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में जाकर मृतका के परिजनों से मुलाकात की तथा न्याय की लड़ाई में हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलवाया।
