जयपुर : माकपा विधायक बलवान पूनिया को बोलने से रोकने और हंगामे के कारण चार बीजेपी विधायकों को बजट सत्र की पूरी अवधि के लिए सदन से सस्पेंड कर दिया गया है। ससंदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने चारों के निलंबन का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे सदन से मंजूरी दे दी गई। बीजेपी विधायक मदन दिलावर, रामलाल शर्मा, अविनाश गहलोत, चंद्रभान आक्या को बजट सत्र की पूरी अवधि के लिए सस्पेंड कर दिया गया। चारों के निलंबन का प्रस्ताव रखते हुए शांति धारीवाल ने कहा कि चारों विधायको ने माकपा विधायक बलवान पूनिया को राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलने से रोका, कागज छीने और गालियां दीं, इसलिए इन चारों को सस्पेंड करना चाहिए।
इससे पहले, तीन बार स्थगित होने के बाद दोपहर को विधानसभा कार्यवाही शुरू हुई तो बीजेपी और कांग्रेस विधायक आमने-सामने हो गए। राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान विधायकों के बीच छीनाझपटी जैसे हालात हो गए। राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान बीजेपी विधायक मंत्रियों की सीट के आगे तक वैल में नारेबाजी कर रहे थे। इस बीच खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने बीजेपी विधायक रामलाल शर्मा के हाथ से रीट की सीबीआई जांच की मांग वाली तख्ती और ब्लैक पेपर छीन लिए। इस पर बीजेपी विधायकों ने विरोध जताया, उधर खाचरियावास के समर्थन में मंत्री आ गए।
राज्यपाल के अभिभाषण पर हंगामे के बीच बहस चली। 5 बजे सभापति ने विधानसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा के विधायक सदन में ही धरने पर बैठ गए हैं।

