जयपुर। राज्य सरकार ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में पहलीबार आईएएस लक्ष्मीनारायण मंत्री को प्रशासक नियुक्त किया है। पहले स्थाई अध्यक्ष बनाये जाने तक कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्यभार आईएएस को सौंपा जाता रहा था , लेकिन पहली बार किसी आईएएस को स्वतंत्र पूर्ण प्रशासक नियुक्त किया गया है। मंत्री की यह नियुक्ति बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली की बर्खास्तगी के आठ दिन बाद की गई। इसी के साथ मेघना चौधरी को सचिव पद पर लगाया गया है। मेघना पहले भी बोर्ड में सचिव रह चुकीं हैं प्रशासक नियुक्त करने से अगले महीने होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को भी गति मिलेगी।
राजस्थान बोर्ड की ओर से 10वीं व 12वीं की परीक्षा शुरू करने की तिथि पहले ही घोषित की जा चुकी है और इसके लिए 3 मार्च तय की गई थी। अब अगले माह होने वाले एग्जाम में करीब 20 लाख से ज्यादा स्टूडेंट शामिल होंगे और इसके लिए प्रदेश भर में करीब 6 हजार परीक्षा केन्द्र भी है। इन परीक्षाओं की विभिन्न स्तर पर तैयारी और आने वाली समस्याओं को लेकर कई निर्णय बोर्ड को ऐन वक्त पर करने पड़ते हैं। प्रशासक नियुक्त होने से अब परीक्षा कार्य को गति मिल सकेगी।
पहली बार पूर्ण प्रशासक
वर्ष 1956-57 में गठित माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नियम अनुसार यूं तो स्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति होती है। अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने या इस्तीफा देने की स्थिति में प्रशासक की नियुक्ति की जाती है। राज्य सरकार ने पहली बार पूर्ण प्रशासक की नियुक्ति की है।
कैसे होती है स्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में स्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया लम्बी होती है। इसमें तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन होता है। इसमें दो सदस्य बोर्ड द्वारा नामित किए जाते हैं। जबकि एक सदस्य राज्य सरकार नियुक्त करती है। तीन सदस्यीय कमेटी आवेदनों पर विचार कर सरकार को 3 अथवा 5 नाम का पैनल सौंपती है। इसके आधार पर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री चर्चा कर अध्यक्ष की नियुक्ति करते हैं।


