जयपुर : राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल फेरबदल के करीब डेढ़ महीने बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव बंशीधर कुमावत को ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा का विशिष्ट सहायक नियुक्त किया है। बंशीधर कुमावत को आज से करीब दो साल पहले 4 सितंबर 2019 को एसीबी ने दलाल के जरिए चार लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। दागी अफसर को मंत्री के विशिष्ट सहायक के पद पर जिम्मेदारी देने पर कई कारणों से सवाल उठाए जा रहे हैं। अब तक दागी अफसरों को मंत्रियों के विशिष्ट सचिव पद पर पोस्टिंग नहीं देते थे।
बंशीधर कुमावत को खान विभाग में संयुक्त सचिव रहते हुए एसीबी ने 4 सितंबर 2019 को चार लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया था। इसके बाद कुमावत को सस्पेंड कर दिया गया था। सितंबर 2019 में बंशीधर कुमावत सस्पेंड हुए। अक्टूबर 2020 में उन्हें बहाल कर दिया। 5 जनवरी 2021 तक एपीओ रहने के बाद 6 जनवरी 2021 से अल्पंख्संख्यक विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर रहे।
जिस समय कुमावत ट्रैप हुए थे, उस समय एसीबी को उनके घर की तलाशी में करोड़ों की जमीन में निवेश के दस्तावेज मिले। बंशीधर कुमावत के घर पर 17 प्लॉट-दुकान और 18 बीघा जमीन के दस्तावेज मिले थे। जयपुर, अजमेर, किशनगढ़ रेनवाल में 6 प्लॉट और मकानों के दस्तावेज, कुमावत की पत्नी के नाम अजमेर में 2 प्लॉट, किशनगढ़, अजमेर, नाथद्वारा और जयपुर में 9 प्लॉट और दो दुकान के दस्तावेज मिले थे।
