जयपुर: कोरोना के बढ़ते मामलों पर कंट्रोल के उपाय के लिए बुलाई गई ओपन लाइव बैठक के दौरान गहलोत सरकार के मंत्री आपस में ही उलझ गए। न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर रोक के स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा के सुझाव पर खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास भड़क गए। नाराज प्रतापसिंह ने यहां तक कह दिया कि आप रोक लगाकर देख लो, आपकी बात कौन मानता है? आप उलटी बात कह रहे हो। इस पर सीएम अशोक गहलोत ने बीच बचाव करते हुए कहा कि यह ओपन बैठक लाइव है और इस वक्त 1 लाख 90 हजार से ज्यादा लोग देख रहे हैं। आप सबके सुझाव के हिसाब से सरकार फैसला करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि 31 दिसंबर की रात की पार्टियों को छूट देने का पब्लिक मैसेज ठीक नहीं है। लोग निगेटिव कमेंट कर रहे हैं, इस पर रोक हो। स्वास्थ्य मंत्री के यह कहने पर खाद्य मंत्री प्रतसापसिंह भड़क गए और कहा कि जयपुर का मैसेज पूरे प्रदेश पर होता है। ऐसे कैसे बंद कर देंगे, आप न्यू ईयर पार्टियों पर रोक लगाकर देख लो, कौन आपकी बात मानेगा। यंगस्टर्स तो पहले वाली मीटिंग का भी इंतजार कर रहे थे।
जोशी और खाचरियावास भी टकराए
इससे पहले धार्मिक स्थल को बंद करने के सुझाव का जलदाय मंत्री महेश जोशी ने यह कहकर विरोध किया कि हम 31 दिसंबर को न्यू ईयर सेलिब्रेट करने की अनुमति दे रहे हैं और 3 जनवरी से धार्मिक केंद्र बंद करेंगे तो गलत मैसेज जाएगा।
खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने शादियों में 200 लोगों से कम की लिमिट के सुझाव का खुलकर विरोध किया और कहा कि इससे गरीब मारे जाएंगे। शादियों की बजाय तो धार्मिक स्थल बंद कर देने चाहिए। इस सुझाव का जलदाय मंत्री महेश जोशी ने विरोध जताते हुए कहा कि हमने न्यू ईयर सेलिब्रेशन की छूट दी है और 3 जनवरी से धार्मिक स्थल बंद करेंगे तो इसका गलत मैसेज जाएगा। धार्मिक स्थल अभी बंद नहीं करने चाहिए।
