जयपुर: अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि स्मार्ट ट्रांसमिशन ऑपरेशन मैनेजमेंट सिस्टम को प्रभावी तरीके से लागू करने वाले राज्योें में राजस्थान अग्रणी प्रदेश हो गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम द्वारा एसटीएएमएस सिस्टम का भी क्रियान्वयन आरंभ कर दिया गया है।
एसीएस ऊर्जा डॉ. सुबोध अग्रवाल गुरुवार को विद्युत भवन में राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार की उदय योजना में राज्यों को विद्युत ट्रांसमिशन सिस्टम में छीजत को कम कर 3.5 प्रतिषत तक लाने के लक्ष्य अर्जित करते हुए निर्धारित लक्ष्य से भी कम 3.33 प्रतिशत तक लाया जा चुका है। उन्होंने विद्युत प्रसारण तंत्र को और अधिक प्रभावी करने के लिए आधुनिक सूचना तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईटी के प्रयोग से मोनेटरिंग व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट ट्रांसमिशन ऑपरेशन सिस्टम से ऑटोमेटिक मीटर रीडिंग, एनर्जी अकाउटिंग सिस्टम मजबूत होने के साथ ही ग्रिड कोड की पालना, रोड पूलिंग सिस्टम का प्रभावी क्रियान्वयन, मीटर डेटा सत्यापन, ऊर्जा लेखों का सत्यापन ओनलाईन आवेदन और ओपन एक्सेस अनुमोदन आदि कार्य आसान हो गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत प्रसारण में होने वाली छीजत को और अधिक कम करने की कार्ययोजना बनाई जाए ताकि विद्युत छीजत के कारण होने वाले नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने अधिकारियोें से विस्तार से प्रसारण निगम की कार्यप्रणाली, प्रसारण छीजत के कारणोें, देश दुनिया में हो रहे नवाचारों आदि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमें कम से कम छीजत रखते हुए विद्युत तंत्र को मजबूत करना है।
चेयरमैन डिस्कॉम्स एवं सीएमडी विद्युत प्रसारण निगम भास्कर ए. सावंत ने बताया कि किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए दो पारी मेें वितरण के लिए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का चरणबद्ध कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए 220 केवी के 3, 132 केवी के 8 का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ में 400 केवी जीएसएस स्वीकृत कर दिया गया है और इसके लिए भूमि का चिन्हीकरण किया जा रहा है।
चेयरमैन सावंत ने बताया कि राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम द्वारा राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत ट्रांसमिशन व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया है और इस दिशा में निरंतर सुधार के प्रयास जारी है।
बैठक में वित्तीय सलाहकार संदीप धीर, निदेशक ऑपरेशन नरेन्द्र सुवालका, तकनीकी सहायक रवि भाटिया, मुख्य अभियंताओं सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पीपीटी के माध्यम से प्रसारण निगम की कार्यप्रणाली और भावी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी गई।
