दिल्ली/जयपुर: लोकसभा में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय सतर्कता आयोग विधेयक 2021 व दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन विधेयक 2021 हुई बहस में भाग लिया। सांसद ने कहा की सरकार जब इन अध्यादेशो को लेकर लाई तब सुप्रीम कोर्ट की जो भावना थी वो इस सरकार के निर्णय के पूर्ण रूप से पक्ष मे नही थी और सदन के साथियो ने इस बात को प्रमुखता से रखा की ईडी के निदेशक के सेवानिवृति से महज 3 दिन पहले यह अध्यादेश लेकर आई ऐसे में उन्होंने मंत्री से कहा की सरकार यह स्पष्ट करें कि इसमें लोकहित क्या था।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जब कह रही है कि दुर्लभ मामलो मे ही कार्यकाल को बढ़ाया जा सकता है ऐसे मे ऐसी क्या स्थिति बनी। लोकहित मे ऐसा क्यो आवश्यक हुआ की ईडी के निदेशक के कार्यकाल को बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि यूपीए की सरकार थी तब कोल फील्ड आवंटन मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्रीय जांच एजेंसी को ‘पिंजरे में बंद तोता’ बताया था ऐसे में जिसको जहां मौका लगा, वहां उसने वहां चौका मार दिया। सांसद ने सीबीआई के लंबित मामलो को लेकर उनके सवाल के जवाब के आँकड़ो की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा की 25 नवम्बर 2021 तक CBI के पास राजस्थान से जुड़े 25 और अन्य राज्यो से जुड़े 1256 मामले जाँच हेतु लंबित है।
राजस्थान के इन मामलों का किया जिक्र- सांसद ने सीबीआई में चल रहे। बाड़मेर जिले के कमलेश प्रजापत नामक व्यक्ति के फर्जी एनकाउटर प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में राजस्थान सरकार के एक पूर्व मंत्री और उनके परिजनो का नाम आया। जिसकी जाँच सीबीआई कर रही है। उसी पूर्व मंत्री के इशारे पर पूर्व मे उनके तथा उनके साथ भारत सरकार के एक मंत्री पर जानलेवा हमला हुआ। जिसका राजस्थान सरकार में अब तक मुकदमा दर्ज नही होने दिया,उन्होंने कहा कि कमलेश प्रजापत फर्जी एनकाउटर की जाँच जल्द से जल्द हो ताकि आरोपी सलाखो के पीछे जाए।
साथ ही उन्होंने राजस्थान के पाली जिले के फालना में मनोहर राजपुरोहित नामक छात्र के अपहरण का जिक्र करते हुए कहा राजस्थान सरकार की एजेंसिया उस बालक को आज तक ढूँढने मे नाकाम रही और उनके परिजनो की माँग पर, जनता के दबाव मे राजस्थान की सरकार ने उस मामले की जाँच सीबीआई से करवाने की अनुशंषा भेजी। लेकिन आज तक सीबीआई ने उस मामले की जाँच शुरू नही की।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने इस मामले को लेकर सीबीआई से जवाब तलब किया। वही उन्होंने हनुमानगढ़ जिले में वर्ष 2009 में हुए चक राजासर में लालचंद सुथार व उनकी पत्नी तथा 2 बेटियों की हुई। हत्या के मामले की वर्ष 2016 से सीबीआई के पास लंबित जांच का जिक्र करते हुए जल्द से जल्द जांच करके निष्कर्ष निकालने की मांग की। वहीं राजस्थान के जोधपुर शहर में हुए लवली कंडारा नामक वाल्मीकि समाज के युवक के फर्जी एनकाउंटर प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग उठाई।
बोफोर्स घोटाले का किया जिक्र
सांसद ने बोफोर्स घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय हाई कोर्ट ने सीबीआई को टेक्निकल ग्राउंड पर प्रकरण बंद करने की मांग की और सीबीआई सुप्रीम कोर्ट जाना चाहती थी। लेकिन तत्कालीन सरकार ने सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट में जाने से रोका क्योंकि कुछ लोग फ्रीज किये हुए पैसे उठा सके और उस समय भी सीबीआई का दुरुपयोग हुआ।
