जयपुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने उपचुनाव में कांग्रेस के जीतने से सीएम गहलोत के मजबूत होने के सवाल पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव पार्टी लड़ती है, केवल मैं तो अकेला लड़ता नहीं, या सिर्फ सीएम ही नहीं लड़ते हैं। पूरा संगठन और पूरे कार्यकर्ता-नेता लड़ते हैं। जितने उप चुनाव हुए हैं उनमें अधिकांश में कांग्रेस जीती है क्योंकि सबने मिलकर चुनाव लड़ा है। कोई भी एक व्यक्ति कितना बड़ा नेता हो, किसी को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि मेरे दम पर ही चुनाव जीतते हैं।
पायलट ने आज एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि हम दोबारा सरकार में क्यों नहीं आते, इस पर आत्म चिंतन करना होगा। पहले हम 150 सीट जीतकर 50 पर रह गए, फिर 100 जीतकर 21 पर रह गए। दोबारा जीतने के लिए हमें कुछ पॉजिटिव करना होगा। ऐसा नहीं है कि कांग्रेस सरकारें रिपीट नहीं होती, असम, दिल्ली में तीन बार रिपीट हुई हैं, हरियाणा, आंध्र में रिपीट हो चुकी हैं। राजस्थान कोई देश के बाहर का हिस्सा थोड़े ही है, यहां भी सरकार रिपीट हो सकती है। लेकिन हमें सोचना पड़ेगा कि आगे हम ऐसा क्या करें कि सरकार रिपीट हो ।
उन्होंने कहा कि पार्टी का झंडा उठाने वालों को हम मान सम्मान देते हैं तो उसमें पार्टी का हित है। हमारे इन मुद्दों पर चर्चा के लिए कमेटी बनी थी। इसमें देरी हुई लेकिन अब सही रास्ते पर आ गए हैं। पार्टी के लिए लाठी खाने वाले के मान सम्मान की बात उठाते हुए पायलट ने कहा कि नाराजगी मेरी व्यक्ति से नहीं है। सब लोगों को लगे कि हम सरकार में स्टेक हॉल्डर हैं। सब मंत्री नहीं बन सकते और सब मंत्री बनना भी नहीं चाहते, लेकिन उनकी सरकार में भागीदारी सुनिश्चित हो। जिन्होंने परिवार का नुकसान झेला, अब उन्हें लगना चाहिए कि सरकार उनकी है। पार्टी और सरकार मिलकर काम करेंगे तो जो 30 साल से चला आ रही परिपाटी खत्म हो। 2023 में फिर से कांग्रेस की सरकार बने।
पायलट ने कहा- हम सामूहिक लीडरशिप में चुनाव लड़ेंगे और बाद में सीएम का फैसला करेंगे। 2023 में चुनाव होंगे तो पॉलिसी के तहत पहले से सीएम डिक्लेयर नहीं करेंगे। सीएम कौन बनेगा यह विधायकों पर सब निर्भर रहेगा। खुद के सीएम नहीं बनने के सवाल पर सचिन पायलट ने कहा है कि चेहरे सभी के सामने होंगे। भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है वह किसी को नहीं पता। किस्मत में जो लिखा है उसे तो कोई छीन नहीं सकता और जो नहीं लिखा है उसे कोई दे नहीं सकता।
