जयपुर : प्रदेश में डेंगू का प्रसार काफी तेजी से फ़ैल रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 29 अक्टूबर को पूरे राज्य में 593 रिकॉर्ड डेंगू के केस मिले हैं। जो एक दिन में मिले केसों में इस साल में सर्वाधिक है। इस बीच 2 मरीजों की मौत भी हुई है। सबसे ज्यादा जयपुर में 102 मरीज मिले है, यह स्थिति तब है जब जयपुर नगर निगम ग्रेटर और जयपुर नगर निगम हैरिटेज की स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी 250 वार्डों में 2 बार फोगिंग करने का दावा कर रही है। जयपुर के अलावा धौलपुर, कोटा, प्रतापगढ़, जोधपुर, बीकानेर, झालावाड़ समेत कई अन्य जगहों पर भी हालात बेकाबू है।
छोटे शहरों में बिगड़े हालात
जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा जैसे बड़े शहरों में आसपास के छोटे शहरों और गांवों से बड़ी संख्या में मरीज रेफर होकर पहुंच रहे हैं। यहां अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। जयपुर के SMS हॉस्पिटल के अलावा राजकीय जयपुरिया, हरबक्श कावंटिया, सैटेलाइट हॉस्पिटल, जनाना चिकित्सालय चांदपोल और सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय में भी बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज भर्ती हो रहे है।
दूरदराज से जयपुर रेफर होने वाले मरीजों के लिए सबसे बड़ी समस्या प्लेटलेट्स और SDP किट को लेकर है। प्राइवेट हॉस्पिटल में केवल 4 हॉस्पिटल ही ऐसे है जहां ब्लड बैंक में SDP किट उपलब्ध है। इसके अलावा शेष हॉस्पिटल के मरीजों को सरकारी या इन चार निजी ब्लड बैंक से ही प्लेटलेट्स और SDP किट लेनी पड़ रही है।
इन जिलों में हालात ज्यादा खराब
चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट को देखे तो सबसे ज्यादा केस जयपुर में है, जहां अब तक डेंगू के 1886 से ज्यादा केस मिले चुके है। इसके बाद दूसरा नंबर कोटा का आता है, जहां 932 मरीज मिले है। वहीं झालावाड़ में 806, करौली 622, अलवर 578 और जोधपुर में 574 केस मिले है। पूरे राज्य में अब तक डेंगू से 23 से ज्यादा लोगों की जान चली गई, जिसमें सबसे ज्यादा मौत अलवर और दौसा जिले में 4-4 लोगों की हुई।

