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राजस्थान हाईकोर्ट ने प्री-स्कूल्स में भी RTE किया लागू, देने होंगे 25 प्रतिशत फ्री एडमिशन

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्री-स्कूल्स में भी RTE किया लागू, देने होंगे 25 प्रतिशत फ्री एडमिशन

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने प्री स्कूल के बच्चों को बड़ी राहत दी है। राजस्थान के प्री-स्कूल्स में भी अब बच्चों को RTE के तहत 25 फीसदी फ्री एडमिशन मिल सकेंगे। हाईकोर्ट जयपुर की खण्डपीठ ने एक अहम अंतरिम फैसले के तहत आरटीई के दायरे में आने वाले सभी निजी और सरकारी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रोविजनल एडमिशन देने के आदेश जारी किए हैं।

हालांकि RTE के तहत ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया की आखिरी तारीख 24 अक्टूबर है। जोकि 8 अक्टूबर 2021 को डायरेक्टर एलीमेंट्री एजुकेशन राजस्थान,बीकानेर ने शेड्यूल किया था। हालांकि हाईकोर्ट के निर्णय के बाद अब शिक्षा विभाग आखिरी तारीख को आगे बड़ा सकता है। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो माना जा रहा है कि फिर से कोर्ट में इसे लेकर याचिका लगाई जा सकती है।

राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस फरजंद अली की खण्डपीठ ने मामले पर सुनवाई की। जिसमें अभ्युत्थानम् सोसाइटी की पिटिशन को भी कनेक्ट करते हुए सुनवाई की गई।एलीमेंट्री एजुकेशन डिपार्टमेंट,राजस्थान और राज्य सरकार व अन्य को इसमें पार्टी बनाया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट विकास जाखड़,एडवोकेट अभिनव शर्मा ने केस में पैरवी की। जबकि सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल चिरंजीलाल सैनी, अक्षय भारद्वाज और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आर.डी.रस्तोगी ने पक्ष रखा।

प्री-स्कूल्स में RTE के तहत मिलेंगे 25 फीसदी बच्चों को दाखिला

स्माइल फॉर ऑल सोसाइटी-एनजीओ की ओर से लगाई गई एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में आज राइट टू एजुकेशन के तहत प्री-स्कूल्स में बच्चों के दाखिले के संबंध में महत्वपूर्ण अंतरिम फैसला देते हुए कहा है कि RTE के तहत आने वाले निजी और सरकारी सभी तरह के प्री-स्कूल्स में भी RTE में नियमों के तहत 25 फीसदी कमजोर वर्ग और डिस एडवांटेज बच्चों को फ्री एडमिशन दिया जाए। साथ ही राज्य सरकार के निर्देश इसमें रोड़ा नहीं बनेंगे। हालांकि खण्ड पीठ ने कहा है कि इस तरह के दाखिला प्रोविजनल होंगे और कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन रहेंगे।

पीआईएल में क्या कहा

6 से 14 वर्ष के लिए आरटीई में 25 फीसदी सीट फ्री होती हैं। भले ही वो प्राइवेट इंस्टीट्यूट हो या सरकारी हो। राज्य सरकार ने निर्देशों के कारण प्री-प्राइमरी स्कूलों में आरटीई एक्ट लागू नहीं हो पा रहा था। जिसे चुनौती देकर प्री-प्राइमरी में भी इसे लागू करने की मांग की गई थी। सेक्शन 12 आरटीई के तहत इसे प्री स्कूलों में भी अनिवार्य करने और लाभ देने की मांग की थी। राज्य सरकार के एलीमेंट्री एजुकेशन डिपार्टमेंट ने 8 अक्टूबर 2021 को जो नोटिफिकेशन निकाला,उसमें 24 अक्टूबर को ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया की अंतिम तारीख है। यह आरटीई के तहत आने वाले सभी स्कूलों पर लागू है, लेकिन प्री-स्कूल एजुकेशन वाले बच्चों को इस एडमिशन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।

17 नवम्बर को होगी हाईकोर्ट खण्डपीठ में फाइनल सुनवाई

हाईकोर्ट खण्डपीठ ने प्रोविजनल ऑर्डर देते हुए कहा है कि इस स्टेज पर हम अंतरिम आदेश दे रहे हैं कि राज्य सरकार का वह नोटिफिकेशन अमल में नहीं लाया जाएगा, जो कमजोर और डिसएडवांटेज बच्चों को आरटीई के तहत प्री स्कूल्स में दाखिला से रोकता है। उन बच्चों को प्री-स्कूल्स में कम से कम 25 फीसदी सीटों पर आरटीई के तहत एडमिशन दिए जाएं। यानी अब आरटीई के तहत आने वाले स्कूलों को ऐसे बच्चों को एडमिशन देने होंगे। हाईकोर्ट का यह आदेश अंतिम फैसले के अधीन रहेगा। खण्डपीठ ने फाइनल सुनवाई के लिए 17 नवम्बर 2021 की तारीख तय की है। साथ ही केन्द्र सरकार से भी कहा गया है कि वह 10 नवम्बर 2021 को या उससे पहले अपना जवाब पेश करे।

 

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