जयपुर: राजस्थान में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया समेत अन्य मौसमी बीमारियों के कहर को रोकने के लिए 20 अक्टूबर से ‘डेंगू मुक्त राजस्थान‘ अभियान चलाया जाएगा। इसे देखते हुए आज चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश के सभी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों संग बैठक कर इसे कंट्रोल करने पर चर्चा की है। इसके तहत विभाग स्थानीय विभागों के साथ मिलकर एंटीलार्वल गतिविधि, फोगिंग सहित अन्य गतिविधि संचालित करेगा। साथ ही उन 14 जिलों में नोडल आफिसर भेजे जाएंगे, जहां डेंगू के ज्यादा मामले सामने आए हैं। साथ ही मंत्री ने अगले आदेशों तक सभी जिलों के चिकित्सा अधिकारियों की छुटि्टयों पर रोक लगा दी है।
चिकित्सा मंत्री ने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस जैसी मौसमी बीमारियों का सामना करने के लिए सभी जिलों में 24 घंटे कन्ट्रोल रूम स्थापित करने के साथ रेपिड रेस्पोंस टीम के गठन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता के लिए आईईसी गतिविधियां करने, सीएचसी सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इंडोर मरीजों का उपचार करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में बताया कि अक्टूबर में राजस्थान के 33 में से 30 जिलों में 6790 से भी ज्यादा डेंगू के केस सामने आ चुके हैं। यह लगातार बढ़ते ही जा रहे है। हॉस्पिटल में ओपीडी में मरीजों की लम्बी लाइनें लग रही है, वहीं जांच केन्द्रों के साथ-साथ हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए चिकित्सा मंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों के सीएमएचओ को मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए 20 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक डेंगू मुक्त राजस्थान अभियान चलाने के निर्देश दिए है। साथ ही उन्होंने इसके लिए हर जिले में एक कंट्रोल रूम और रेपिड रेस्पोंस टीम का गठन करने के लिए कहा है, जो 24×7 समय चले और लोग उन पर फोन करके मौसमी बीमारियों संबंधि जानकारी और उनके बचाव के बारे में परामर्श ले सके।
एंटीलार्वा का छिड़काव करें और फोगिंग करवाए
बैठक में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उन जगहों पर तेजी से एक्टिव हो जाए जहां सबसे ज्यादा डेंगू, मलेरिया के केस आ रहे है। जिन घर या मोहल्ले में डेंगू का केस मिले उस घर के आस-पास 50 घरों में एंटीलार्वा का छिड़काव करें और फोगिंग करवाए, ताकि वहां मौजूद मच्छर, कीड़ों को खत्म करके आगे बीमारी के केसों को कंट्रोल किया जा सके।
दवाईयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के दिए निर्देश
मंत्री शर्मा ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी), उप जिला अस्पतालों पर आने वाले मरीजों को आउट डोर के साथ-साथ इंडोर उपचार भी देने के निर्देश दिए। साथ ही इन बीमारियों में काम आने वाली जरूरी दवाईयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के लिए कहा। साथ ही प्रभावी क्षेत्रों में डोर टू डोर सर्वे करवाकर मरीजों की पहचान कर करें।
