जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लखीमपुर से हनुमानगढ़ की तुलना करने वाले भाजपा नेताओंं को जमकर खरी-खोटी सुनाई और कहा कि मुर्ख और बेवकूफ लोग हैं। सीएम पद के दावेदार बन रहे हैं पहले तो हनुमानगढ़ राहुल व प्रियंका को क्यों आना चाहिए। अरे भाई उनकी तो यहां सरकार हैं। उन्हें कुछ लगता है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आएं।
गहलोत ने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समारोह में भाग लेने के बाद राजभवन से निकलते हुए मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हनुमानगढ़ की घटना की वे निन्दा करते है, लेकिन जब उस मामले में गिरफ्तारी वगैरह सब हो गई तो अब लीक पीटने के लिए वहां जा रहे है। अगर जाना ही था तो घटना वाले दिन ही जाते। उस समय तो कोई गया नहीं।
उन्होंने लखीमपुर से तुलना को भी यह कहते हुए गलत बताया कि मैंने तो आजतक देखा नहीं कि आंदोलनकारी किसानों को गाड़ी से इस तरह कूचलते हुए। फिर घटना के बाद भी प्रियंका गांधी व अन्य को जिस तरह से रोका गया ओर असभ्यता की गई वह शर्मनाक हैं। विपक्ष के नाते कांग्रेस के नेता गए। हनुमानगढ़ में वैसा कुछ भी नहीं है फिर भी भाजपा नेताओं को जाना था तो कम से कम समय पर तो जाते। सीएम पद के दावेदार बन रहे है उन्हें इतना ही मालूम नहींं कि किसे आना चाहिए या किसे नहीं।
कोयला संकट को केन्द्र हल करें, ब्लेक आउट के नाम से ही डर लगता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला संकट पर बोलते हुए कहा कि कोयले की कमी राष्ट्रव्यापी हैं। ये केवल राजस्थान का मसला नहीं। सारी स्थिति को केन्द्र के स्तर पर हल करने की जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि ये कोई विवाद का विषय नहीं हैँ। कोयला मंत्री सभी राज्यों से सम्पर्क बनाए हुए हैँ। उन्हें भरोसा है कि वे कोई ना कोई हल निकाल लेंगे वैसे जिस तरह से कोयले की कमी के कारण जो रिपोर्ट आ रही है उसको सुनकर ही डर लगता है कि ब्लेक आउट हो सकता हैं। जहां तक बकाया का सवाल है ये कोई इश्यू नहीं।
हजारों करोड़ के कोयले खरीदते हैं हो जाता है। कोल इंडिया को भी इसमें पहल कर अपनी भूमिका अच्छे से निभानी चाहिए। सीएम ने 2 से 18 साल के बच्चों के लिए वैक्सिन मंजूरी का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान इसके लिए तैयार है। किसी तरह की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। बच्चों के लिए वैक्सिन आने से तीसरी लहर में बच्चों को खतरे की आंशका से भी बचा जा सकेगा।
