जयपुर : अध्यापक पात्रता परीक्षा रीट को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस-भाजपा दोनों एक दूसरे को घेरने में जुटी हैं। राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्री और पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा का तो दवा है कि रीट का नाम गिनीज बुक में दर्ज करवाना चाहिए। जबकि बीजेपी रीट परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच की मांग कर रही है। भाजपा के सांसद डॉ. किरोड़ीलाल बेरोजगारों के साथ धरने पर बैठे हैं।
डोटासरा ने आज रीट को लेकर कहा कि बीजेपी के नेता हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा जी उनकी जैसी नहीं हैं। अगर वसुंधरा राजे उनकी जैसी होती तो दो बार राज्य की मुख्यमंत्री नहीं बनतीं। नकल के मामले में उन्होंने कहा कि एफआरआर दर्ज हो गईं। एसओजी दबिश दे रही है। आरोपियों को पकड़ रही है तो बीजेपी के पेट में दर्द क्यों हो रहा है।
प्रदेश में रीट परीक्षा में धांधली की सीबीआई जांच करवाने की मांग को लेकर जहां बीजेपी लगातार राज्य सरकार को घेरने का काम कर रही है। वहीं, डोटासरा ने पलटवार करते हुए कहा है कि बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है। बीजेपी के पेट में मरोड़ इसलिए पड़ रहे हैं, क्योंकि राजस्थान में ऐतिहासिक तौर पर रीट के एग्जाम सफल हुए हैं। पहली बार देश में किसी स्टेट ने इस शानदार तरीके से परीक्षा पूरी करवाई गई है। टीचर्स की 31 हजार भर्तियां हो रही हैं। उन्होंने कहा- मैं बीजेपी नेताओं को आगाह करना चाहता हूँ कि उन बेटे और बेटियों के सपनों को वह क्यों चकनाचूर और ध्वस्त करना चाहती हैं,जिन्होंने परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत और इन्तजार किया है। गहलोत सरकार ऐसा नहीं होने देगी।
डोटसरा ने डॉ किरोड़ीलाल मीणा की ओर से रीट के लिए आंदोलन में बुलाने के मुद्दे पर कहा कि वे नौटंकी कर रहे हैं। भाजपा के एमएलए ही उनके बुलावे पर साथ नहीं आ रहे। बीजेपी के पास कोई तथ्य है तो उसमें बढ़िया से बढ़िया एजेंसी से जांच करवाकर हम उसे अंजाम तक पहुंचाएंगे। अगर उसमें तिल भर भी कुछ गड़बड़ी मिलती है, तो प्रभावी कार्रवाई होगी।
डोटासरा ने दावा किया कि पहली बार राजस्थान में कर्मचारियों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। पहली बार प्राइवेट स्कूल में गड़बड़ी पाए जाने पर उनकी मान्यता खत्म करने का फैसला लिया गया। पहली बार जश्न के रूप में प्रदेश के लोगों ने रीट अभ्यर्थियों को खाना खिलाने और ठहराने की व्यवस्था की। पहली बार बड़े बड़े अधिकारियों की जहां भी गड़बड़ी मिली उनके साथ सख्ती से कार्रवाई की गई। पहली बार चप्पल, शरीर और कान में जो नकलची ब्लू टूथ,मोबाइल डालकर नकल करने जाते थे, उन्हें पकड़ने का काम हमारी सरकार ने किया है।
कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा
रीट पेपर लीक और नकल मामले में मास्टरमाइंड माने जा रहे बत्तीलाल को क्या पकड़ा जाएगा। इस सवाल का जवाब देते हुए डोटासरा ने कहा कि बत्तीलाल क्या चीज है। कोई भी आरोपी होगा उसे पकड़ा जाएगा।

न्याय नहीं मिलने तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा- डॉ. किरोड़ीलाल
दूसरी तरफ डॉ. किरोड़ीलाल ने रीट पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द डोटासरा के बयान को हास्यास्पद बताया है। मुझ पर व्यक्तिगत आरोप लगाने की बजाय उन्हें यह बताना चाहिए कि तमाम दावों के बावजूद पेपर कैसे और क्यों आउट हुआ? पेपर आउट होने के बावजूद परीक्षा स्थगित क्यों नहीं हो रही?
उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में जो तथ्य सामने आए हैं उनसे यह स्पष्ट है कि परीक्षा में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई है और बड़े लोग इसमें शामिल हैं। कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। इसकी तह तक जाने के लिए राज्य सरकार को स्वयं आगे बढ़कर सीबीआई जांच के लिए कहना चाहिए।
डॉ. मीणा ने कहा कि मैं उनके हक की आवाज़ को और ताकत के साथ सरकार तक पहुंचाने का काम करूंगा। युवाओं को न्याय दिलाना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रीट परीक्षा में पेपर लीक के मामले में जब तक बेरोजगारों को न्याय नहीं मिलेगा, मेरा संघर्ष जारी रहेगा।
