जयपुर : रालोपा संयोजक एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने के बाद फिर से उसी तिथि को बैठक बुलाने के आसन के ऐसे निर्णय के बाद प्रदेश भर में सदन की गरिमा को लेकर जो टिप्पणियां आई है उससे लोकतंत्र की व्यवस्थाओं और संसदीय परम्पराओ पर भी सवाल उठे है।
बेनीवाल ने यहां जारी वक्तव्य में कहा कि सरकार के ही मंत्रियों के कारण राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकालीन समय तक स्थगित करना तथा पुनः एक दिन बाद ही सदन की कार्यवाही को शुरू करने जैसा निर्णय विधानसभा की गरिमा व संसदीय परम्पराओ का अपमान है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि बुधवार सुबह विधानसभा में भाजपा के सदस्यों द्वारा माहौल खराब करने जैसा वक्तव्य देने व अध्यक्ष के निर्देशों के बाद भी संसदीय कार्य मंत्री द्वारा आसन के समक्ष खड़े रहकर आसन को उतेजित करने जैसे वाक्ये से यह साफ हो गया कि सरकार सदन को चलाना ही नहीं चाहती और विपक्ष में बैठी भाजपा भी जनहित के मुद्दों को लेकर सदन में अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए सदन की कार्यवाही चलाना नही चाहती।
सरकार के मंत्रियों के आपसी खींचतान फिर से हुई जगजाहिर
सांसद बेनीवाल ने कहा कि यह पूरा वाकया दुर्भाग्यपूर्ण था जिससे विधानसभा अध्यक्ष व सरकार के मंत्रियों के आपसी खींचतान भी पुनः जगजाहिर हुई। सांसद ने यह भी कहा कि ऐसा संसदीय इतिहास में पहली बार हुआ और विधानसभा अनिश्चितकालीन स्थगित करने के तुरन्त बाद वापस बुलाने जैसे निर्णय से कई विधायक सैकड़ो किलोमीटर दूर अपने क्षेत्र में चले गए ऐसे में उन्हें भी अब समस्या का सामना करना पड़ेगा । सांसद ने कहा कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दे,आरपीएस अधिकारी हीरालाल सैनी के वायरल अश्लील वीडियो में प्रकरण को दबाने के लिए जिम्मेदार जयपुर कमिश्नर सहित कई आईपीएस अफसरों को बचाने के लिए सदन में भाजपा-कांग्रेस ने एक राय होकर कार्यवाही को रुकवाया क्योंकि कई अफसर दोनों पार्टियों के नेताओ के चहेते है और मामले के तार सीएमओ से भी जुड़े हैं।
