दौसा : पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ले बुधवार को अलवर के दानपुर गांव जाते वक्त दौसा में यह बड़ा बयान दे सबको चौंका दिया कि हम अपने अधिकारों की मांग करने के लिए हर प्रकार का संघर्ष करने और आवाज उठाने के लिए जागरूक हैं। आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
पायलट के इस ताजा बयान ने सुलह की संभावनाओं में फिर से कुछ रूकावट का साफ संकेत दिया हैं। उनका ये कहना बड़ी बात है कि वे अपनी मांगों के लिए लगातार आवाज उठाते रहेंगे यानी अभी तक बात पूरी तरह बनी नहीं हैं। इससे यह भी संकेत दे दिए हैं कि कांग्रेस में खींचतान फिलहाल मिटने वाली नहीं है। बगावत के बाद हुई सुलह के समय तय हुए मुद्दों के समाधान के लिए पायलट खेमा पिछले कई दिनों से मांग कर रहा है। पायलट कैंप मंत्रिमंडल, राजनीतिक नियुक्तियों में बराबरी की भागीदारी की मांग कर रहा है।
पंचायत चुनाव मे हालांकि कांग्रेस के लिए वोट मांगे
दौसा के जिरोता व बांदीकुई आदि क्षेत्रों में पायलट ने हालांकि पंचायत चुनाव में कांग्रेस की बात की और कांग्रेस के लिए ही वोट मांगे। उनके इस दौरे में महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश का क्षेत्र भी था,लेकिन वे पायलट के इस दौरे से दूर ही रही। सिकंदरा ने एक बार मंच से ममता भूपेश का नाम भी पुकारा,लेकिन जब उन्हेंं पता चला कि वे नहीं है तो चुपी साध गए।
मुरारी लाल की तारीफ की
उन्होंंने दौसा विधायक मुरारीलाल मीणा की जमकर तारीफ करते हुए पायलट ने कहा कि मुरारीलाल मीणा बहुत जागरूक विधायक हैं। सचिन पायलट ने कहा कि पंचायत राज चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और दौसा जिले का संदेश पूरे राजस्थान और देश में जाता है। ऐसे में यहां से कांग्रेस पार्टी की मजबूती व एकजुटता का संदेश जाना चाहिए। मुझे विश्वास है कि पिछले 40 सालों में जिस प्रकार दौसा जिले के लोगों ने मुझे व मेरे परिवार को आशीर्वाद दिया है, वो हमेशा बना रहेगा।
भाजपा को भी कोसा
पायलट ने दानपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान व महंगाई को लेकर केन्द्र की मोदी सरकार को कोसा तथा कहा कि कांग्रेस की रीति-नीति सदैव जनहित की रही हैं,लेकिन भाजपा देश के सभी मुद्दों पर विफल रही हैँ तथा 70 वर्षों में बनी देशकी संपत्तियों को निजी हाथों में सौँपने में लगी हुई हैं।


