जयपुर : राज आर्म्ड स्क्वाड्रन 1 एन सी सी का जयपुर ग्रुप कमांडर कर्नल एस पी तिवारी के द्वारा वार्षिक प्रशासनिक निरीक्षण किया गया। आर्म्ड स्क्वाड्रन एन.सी.सी के कमांडिग ऑफिसर कर्नल आर गुप्ता के निर्देशन में कर्नल एस पी तिवारी को एन.सी.सी कैडिटस के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। एन सी सी कैडिटस की कोविड -19 की विपरित परिस्थितियों में बेहतरीन कार्य करने के लिए सराहना की।
कर्नल तिवारी ने एसोसिएट एन.सी.सी. ऑफिसर (ए.अन.ओ) को ब्रीफ करते हुये अपने-अपने विश्वविद्यालयों में एन.सी.सी. को इलेक्टिव विषय चुनने के बारे में प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब ग्रेजुएशन से पहले ही एन डी ए के माध्यम से लडकियों को मिलिट्री ट्रेनिंग मिलना शुरू हो जायेगी। इसके अनुरूप लडकियों की एन.सी.सी. में भागीदारी के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि देश की बेटियों के लिए नेशनल डिफेंस एकेडमी (एन.डी.ए.) में तो सुप्रीम कोर्ट ने राह खोली है जबकि एन.सी.सी. ने कई बर्षों पहले से ही बेटियों के लिए बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से अब देश की बेटियां भी एन.सी.सी. के माध्यम से अपनी मंजिल को प्राप्त कर सकेंगी। भारत की पहली महिला सेना प्रमुख तैयार करने की महत्वपूर्ण भूमिका को अब एन.सी.सी. भी निभा सकती है। इसलिए एन.सी.सी. कैडेटस के रूप में बेटियों के लिए कोरोना जैसी चुनौति के बाबजूद अवसर बढ़ते जा रहे है। देश के निर्माण मे एन.सी.सी. कैडेटस का अहम योगदान है।े एन.सी.सी की तरह सेना में भी बेटियों के प्रति नजरिया बदले जाने की जरूरत है। एन.सी.सी. में बेटियों के सशक्तिकरण पर अब अधिक बल दिया जा रहा है आगे और दिया जायेगा।
इस अवसर पर प्रथम राज आर्मड स्क्बाड्रन एन.सी.सी. के कमाण्डिंग ऑफिसर कर्नल आर गुप्ता, कैप्टन (डॉ.) राजेश कुमार शर्मा, लेफ्टिनेंअ कृष्णा नंदन, लेफ्टीनेंट शिप्रा शर्मा, लेफ्टिनेंट निशान्त स्वामी, जे सी ओ मनोज कुमार समस्त स्टाफ उपस्थित था।

