नई दिल्ली। पाली,राजस्थान के सासंद पीपी चौधरी ने उदयपुर राजसमन्द जोधपुर वाया पाली मार्ग पर चारभुजा तीर्थ से आगे देसूरी नाल में आए दिन होनेवाले सड़क हादसों की ओर एक बार फिर केन्द्र सरकार का ध्यान खींचा है। सांसद चौधरी ने केन्द्रीय सड़क, परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर आठ किमी. लंबे इस डेंजर जोन एरिया को चौड़ा करने अथवा इस पर एक फ्लाईओवर बनाने की मांग रखी है ।
सांसद चौधरी ने पत्र में अपने संसदीय क्षेत्र से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-162 पर स्थित देसूरी-चारभुजा नाल के विकट मोड़ वाले पहाड़ी सड़क मार्ग पर आवागमन सुगम बनाने आवश्यक कदम उठाने की ज़रूरत बताई है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग वर्तमान में ब्लैक स्पॉट के नाम से कुख्यात हो गया है। सांसद चौधरी ने बताया कि पाली और राजसमंद जिले के बॉर्डर और मारवाड़ को जोड़ने वाले देसूरी की नाल का 8 किमी घाट सेक्शन पूर्णतया डेंजर जोन बना हुआ है।
घाट सेक्शन में कहीं सड़क टूट गई है तो कहीं विकट मोड़ पर गहरी खाई में वाहनों को गिरने से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार तक नहीं हैं। सांसद चौधरी ने पत्र में बताया कि यह सड़क मार्ग विश्व की सबसे पुरानी माने जाने वाली अरावली पवर्तमाला के मध्य से गुजरता है और यह मार्ग काफी घुमावदार मोड़ एवं चढ़ान वाला है। इस सड़क मार्ग के एक तरफ पहाड़ व दूसरी ओर गहरी खाई है। यह सड़क मार्ग वाहन चालकों के लिए इतना घातक है कि कभी भी वाहन के गहरी खाई में गिरने की आशंका बनी रहती है । इस सर्पीले आकार के सड़क मार्ग पर अनगिनत मोड़ के कारण सामने से आने वाले वाहन कई बार आपस में टकरा जाते हैं।
उन्होंने बताया कि राजनगर और राजसमंद क्षेत्र सीमेन्ट एवं पत्थर उद्योग के लिए विख्यात है और इन क्षेत्रों से उक्त मार्ग पर बड़े-बड़े टोलों में सामग्री की ढुलाई होती है। सर्पीले सड़क मार्ग के कारण बड़े-बड़े टोलों माल सहित पलट जाते है, जिससे यह मार्ग कई-कई दिनों तक अवरुद्ध भी हो जाता है। मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण आवागमन तो बाधित होता ही है तो वहीं आपातकालीन स्थिति के मरीजों को अस्पताल ले जाने के काम में बहुत मुश्कीलें आती है और इस दशा में घायल लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। विगत वर्षों में सैकड़ों लोगों की असामयिक मौत हो चुकी है और दुर्घटनाओं में घायल सैकड़ों लोग अपाहिज और बेबस जिंदगी गुजारने को मजबूर हो रहें हैं।
सांसद चौधरी ने पत्र में अपनी गहरी भावनाओं को अंकित करते हुए केन्द्रीय मंत्री गड़करी से कहा कि मानव जीवन से बढ़कर कोई वस्तु अनमोल नहीं है। जब भी देसूरी घाट सेक्शन कोई हादसा घटित होता है, मन विचलित हो जाता है। सड़क दुर्घटनाओं में किसी भी परिवार के महत्वपूर्ण सदस्य का असमय काल कलवित होना, एक संवेदनशील जनसेवक के लिए असहनीय होता है। ऐसे में देसूरी नाल मार्ग को पर्याप्त ढंग से चौडा करने अथवा फ्लाईओवर बनवाने के कार्य को जनहित में प्राथमिकता से करवाया जाना चाहिए ताकि सड़क हादसों पर नियंत्रण हो सके एवं अनमोल जिंदगियों को काल कवलित होने से बचाया जा सकें।
