जयपुर। भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने गहलोत सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा, गहलोत बहाना बनाकर मंत्रिमंडल फेरबदल को टाल रहे हैं। गहलोत सरकार लगातार सरकार बचाने की संजीवनी लेने का प्रयास कर रही है। कर्नाटक में पूरा मंत्रिमंडल नया बन गया, आखिर यहां गहलोतजी को यहां कैबिनेट विस्तार करने में कहां दिक्कत है। कोविड तो बहाना हैं। प्रदेश की जनता की उन्हें कोई चिंता नहीं हैँं। पहले छह जिलों के पंचायत चुनाव की घोषणा करवाई, फिर ये चुनाव खत्म होने के बाद अगले छह जिलों के चुनाव की घोषणा करवा लेंगे, आगे और सहारा ले लेंगे।
लूट मचा रखी हैं सरकार ने
अरुण सिंह ने शनिवार को प्रदेश बीजेपी मुख्यालय पर मीडिया से बातचीत करते हुए कई गंभीर आरोप गहलोत सरकार पर जड़े और कहा कि इस सरकार ने लूट मचा रखी है, जितना लूट सको उतना लूट लो, यह चल रहा है। बजरी माफिया से लेकर हर स्तर पर माफिया सक्रिय है। सबको लूटने की छूट दे रखी है, जितना लूट सके लूट लो। अरुण सिंह ने कहा- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासराजी अपने घर वालों को ही नंबर दिलवा रहे हैं। रीटर्न में 50 और इंटरव्यू में 80 नंबर आ रहे हैं। यह सरकार ठग है। यहां का युवा यह महसूस कर रहा है कि वह ठगा गया। अंधा बांटे रेवड़ी वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।
झगड़ा सुलझने वाला नहीं
अरुण सिंह ने कहा, कांग्रेस के आपस में इतने झगड़े हैं, इनके झगड़े मिटाने के लिए कभी कर्नाटक के प्रदेशाध्यक्ष चीफ डीके शिवकुमार यहां आ रहे हैं, कभी हरियाणा की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा यहां आकर झगड़ा सुलझाने का काम कर रही है। अब झगड़ा सुलझने वाला नहीं है, अब मतभेद नहीं मनभेद हो गए हैं। जो सरकार अपने विधायक की ही नहीं सुन रही तो जनता की क्या सुनेंगी।
सरकार की नीयत और नीति खराब
गहलोत सरकार की नीयत अच्छी नहीं है तो नीति में भी खोट है। प्रदेश की जनता समय का इंतजार कर रही है। बीजेपी के कार्यकर्ता जनगजागरण कर रहे हैं, जनता इस सरकार को उखाड फेंकने का काम करेगी।
चेहरा संसदीय बोर्ड तय करेगा
बीजेपी में में लीडरशिप संकट और चेहरे के सवाल पर अरुण सिंह ने कहा, विधानसभा चुनाव के समय संसदीय बोर्ड तय करेगा कि सामूहिक चेहरों पर चुनाव लड़ेंगे या किसी एक के चेहरे पर चुनाव लड़ेंगे। हर राज्य की अलग राजनीतिक परिस्थिति है।
राजे को साइडलाइन नहीं किया
वसुंधरा राजे को साइड्लाइन करने के सवाल पर अरुण सिंह ने कहा कि ऐसा नहीं है । वे सब बैठको में आ रही हैं। किसी को कोई दिक्कत होती है तो हम समझा लेते हैं,हमारा सब से संवाद है।
