जयपुर: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की जनसंख्या नियंत्रण के मसौदे के बाद पूरे देश में इसे लेकर नयी प्रतिक्रिया आ रही है। मोदी सरकार बढ़ती आबादी को रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण बिल लाने की तैयारी में है, लेकिन दो बच्चों की नीति पर विपक्ष बीजेपी को घेर रही है। इस बीच राजस्थान के चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से बातचीत हुई तो उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर अपना मंत्वय स्पष्ट किया। उनका कहना है कि हम दो-हमारे दो के दिन गए, अब “बच्चे दो नहीं एक ही अच्छा”। आज की जरुरत को देखते हुए एक ही बच्चे अच्छे है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए भारत सरकार क़ानून बनाए हम साथ हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश में हम दो-हमारे दो का मसौदा तैयार हो गया। इसके तैयार होते ही जनसंख्या नियंत्रण के केंद्रीय कानून को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
संसद में जनसंख्या नियंत्रण पर होगी चर्चा
दरअसल, मॉनसून सत्र में बीजेपी सांसद के राकेश सिन्हा के जंनसख्या नियंत्रण के प्राइवट बिल पर चर्चा होगी, जबकि गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला भी जनसंख्या नियंत्रण पर निजी बिल पेश करेंगे। संसद में बहस से पहले बाहर ही ठन गई। मनभेद की बड़ी आवाज एनडीए के अंदर से आई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, महिलाओं को जागरुक करने की जरुरत है।
मायावती ने इस बिल को राजनीति से जोड़ दिया है
बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा, ‘यूपी बीजेपी सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण हेतु नया बिल लाया जा रहा है, इसके अच्छे -बुरे प्रभाव से ज्यादा इसको राजनीति से ज्यादा जोड़ा जा रहा है। सरकार की नियत पर सवाल उठाये जा रहे है। जहां यूपी में 2022 में चुनाव होने है इसलिए विपक्ष इसे वोट बैंक समझ रहा है। विरोध अपनी जगह है, लेकिन अब मध्यप्रदेश और कर्नाटक में जहां बीजेपी सरकार है वहां हम दो हमारे दो पर कानून बनाने की तैयारी है।
