Headlines

नहीं रहे 1983 वर्ल्ड कप जीत के हीरो: यशपाल शर्मा का 66 साल की उम्र में हार्टअटैक से निधन

नई दिल्ली: भारत के पूर्व क्रिकेटर यशपाल शर्मा (Yashpal Sharma) का मंगलवार को 66 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ। वे 1983 में वनडे का पहला वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम चुनने में भी यशपाल शर्मा की अहम भूमिका थी। वे सिलेक्शन कमेटी के सदस्य थे।

यशपाल शर्मा पंजाब के लुधियाना शहर के रहने वाले थे। उन्होंने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कुछ दिनों तक अंपायरिंग भी की थी। बाद में उन्हें टीम इंडिया का सिलेक्टर नियुक्त किया गया था।

मेरा करियर दिलीप कुमार जी ने बनाया: यशपाल शर्मा

महान अभिनेता दिलीप कुमार का 98 साल की उम्र में निधन हो गया। फिल्मी दुनिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक दिलीप साहब के निधन का शोक है। दिलीप कुमार ने अपने जीवन में कई लोगों की मदद की। इनमें से एक पूर्व क्रिकेटर यशपाल शर्मा भी थे। शर्मा ने कई बार जिक्र किया था कैसे दिलीप कुमार ने उनका करियर बनाया। यशपाल को बेहतरीन क्रिकेटर बनाने में दिलीप कुमार की भी बड़ी अहम भूमिका थी। खुद यशपाल शर्मा ने इस बात को स्वीकार किया था।

उन्होंने कहा था कि जब तक मैं जिंदा हूं दिलीप साहब मेरे पसंदीदा रहेंगे। लोग उन्हें दिलीप कुमार कहते हैं मैं उन्हें यूसुफ भाई कहता हूं। उन्होंने ही क्रिकेट में मेरी जिंदगी को बनाया था। 1983 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे शर्मा ने कहा था कि दिलीप कुमार ने ही उन्हें रणजी ट्रॉफी से BCCI और भारतीय टीम तक पहुंचाया। शर्मा ने कहा था मैं हमेशा उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ा रहूंगा।

शर्मा ने किस्सा सुनाया था कि वह पंजाब की ओर से रणजी ट्रोफी का मैच खेल रहे थे। दिलीप कुमार वह मैच देखने आए थे। उनकी बैटिंग के बाद किसी ने उनसे कहा कि कोई आपसे मिलना चाहता है। शर्मा जब पहुंचे तो देखा दिलीप कुमार हैं। दिलीप कुमार ने उनसे कहा कि तुम बहुत अच्छा खेलते हो। मैंने तुम्हारे लिए बीसीसीआई में किसी से बात की है। उन्होंने तब राजसिंह डुंगरपुर से बात की थी। इसके बाद ही शर्मा को भारतीय टीम में जगह मिली थी।

1983 वर्ल्ड कप जीत के हीरो

यशपाल शर्मा 1983 में भारत के लिए वनडे का पहला विश्व कप जीतने वाली टीम के हीरो रहे थे। ओपनिंग मैच में 89 रन की पारी खेलकर उन्होंने वर्ल्ड कप की पिच पर वेस्ट इंडीज की पहली हार की स्क्रिप्ट लिखी थी। वहीं सेमीफाइनल में 61 रन बनाकर वो टीम के टॉप स्कोरर रहे थे। बॉब विलिस की यॉर्कर जैसी गेंद पर लेग साइड में जमाया उनका छक्का आज भी क्रिकेट इतिहास के यादगार शॉट्स में शुमार है।

37 टेस्ट और 42 वनडे खेले

​​​​​​यशपाल ने देश के लिए 37 टेस्ट में 33.46 की औसत से 1606 रन बनाए थे। इसमें दो सेंचुरी के साथ ही 9 हाफ सेंचुरी बनाए हैं। जबकि 42 वनडे में उन्होंने 28.48 की औसत से 883 रन बनाए हैं। इस दौरान 4 हाफ सेंचुरी लगाई।

1978 में क्रिकेट करियर की शुरुआत

इंटरनेशनल क्रिकेट में यशपाल शर्मा का डेब्यू पाकिस्तान के खिलाफ सियालकोट में खेले वनडे मुकाबले से साल 1978 में हुआ था। इसके बाद अगले ही साल उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच भी इंग्लैंड के खिलाफ क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर खेला। शर्मा ने अपना आखिरी वनडे साल 1985 में इंग्लैंड के खिलाफ चंडीगढ़ में जबकि आखिरी टेस्ट मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में साल 1983 में खेला था। यशपाल शर्मा विकेटकीपर के साथ मीडियम फास्ट बॉलर भी थे। उन्होंने टेस्ट और वनडे में 1-1 विकेट भी लिया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *