जयपुर : राजधानी जयपुर में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की 6 बॉयल देने का झांसा देकर युवती से 40 हजार रुपए ठग लिए। युवती की ओर से सीएमएचओ ऑफिस में इंजेक्शन की जरूरत के लिए ई-मेल किया गया था। हैरानी की बात है कि ई-मेल से डाटा कैसे लीक हुआ। ठगों ने खुद को सीएमएचओ ऑफिस में कर्मचारी बताकर 6 इंजेक्शन की डिलीवरी देने का झांसा दिया। इसके बाद 40 हजार रुपए भी ले लिए, फिर भी इंजेक्शन नहीं दिए। तीन दिनों तक युवती की मां इंजेक्शन के लिए जूझती रही। इसके बाद मरीज की मौत हो गई। युवती ने मां की मौत होने पर ठगी का मामला जयपुर के मालवीय नगर थाने में दर्ज कराया है।
सुरभि भार्गव (26) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह मालवीय नगर में अपने परिवार के साथ रहती है। उसकी मां कविता भार्गव को कोरोना होने पर महावीर कैंसर अस्पताल के आईसीयू वार्ड़ में भर्ती करवाया गया था। इस दौरान उन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी हो गई थी। आईसीयू में फेफड़ों का इलाज शुरू हुआ। इस दौरान मां की तबीयत खराब होने लग गई। तब डॉक्टरों ने उसे ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की 6 बॉयल लगातार 5 दिनाें तक लगाने कि सलाह दी। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि आवेदन करने पर सीएमएचओ की ओर से इंजेक्शन दिए जाएगें। महावीर कैंसर अस्पताल की ओर से डॉक्टर ने सीएमएचओ को इंजेक्शन दिलाने के लिए ई-मेल कर दिया।
फोन कर मांगे रुपए
सुरभि के पास रात करीब 8 बजे अमित वर्मा नाम के युवक का फोन आया। उसने खुद को सीएमएचओ ऑफिस में कर्मचारी बताया। उसने फोन पर कहा कि आपकी मां को इंजेक्शन की जरूरत है। हम आपको इंजेक्शन दे देंगे। उसने 6 बॉयल के प्रति इंजेक्शन 12 हजार रुपए के हिसाब से 72 हजार रुपए मांगे। उसने 400 रुपए डिलीवरी चार्ज मांगे। मां की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुरभि ने इंजेक्शन देने की बात कहीं। तब अमित वर्मा ने इंजेक्शन देने के लिए आधे रुपए पहले मांगे। सुरभि ने उसके बैंक खाते में फोन-पे के जरिए 20-20 हजार रुपए दे दिए। अस्पताल प्रबंधन ने उससे कहा कि इंजेक्शन का भुगतान उसे अस्पताल के जरिए से ही करना होगा।
पूरे रुपए देने पर डिलीवरी की कही बात
सुरभि को इंजेक्शन की डिलीवरी नहीं मिली तो उसने दोबारा से अमित वर्मा को फोन कर जल्द डिलीवरी देने को कहा। उन्होंने सुरभि से कहा कि जब तक पूरे रुपए नहीं मिलेंगे, डिलीवरी नही होगी। रुपए देने पर अस्पताल में डिलीवरी कर दी जाएगी। संदेह होने पर सुरभि ने उससे आईड़ी कार्ड़ दिखाने को कहा। तब अमित ने कहा कि अगर तुरंत भुगतान नही किया तो ये बॉयल किसी अन्य मरीज को दे दी जाएगी। उसने धमकी देकर कहा कि तुम्हारी मां की जो भी हालत हो। उसने फोन बंद कर दिया। सुरभि ने वापस उसे फोन किया, लेकिन फ़ोन स्वीच ऑफ मिला। 4 जून को उसकी मां की ब्लैक फंगस से मौत हो गई।
मदद के लिए भटकती रही पुलिस के पास
सुरभि ने बताया कि मां की मृत्यु होने के बाद 12 जून को उन्होंने मालवीय नगर पुलिस को घटना की रिपोर्ट दी। इसके बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। वह कई दिनों तक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटकती रही। फिर उसने कोर्ट में इस्तेगासे के जरिये ठगी किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया है।
