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दिल्ली पुलिस का नोटिस अवैधानिक, राजनैतिक द्वेष का हम पर्दाफाश करेंगे- डॉ.जोशी

जयपुर। सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने टेलीफोन टेपिंग मामले में दिल्ली पुलिस क्रांइम ब्रांच के नोटिस को अवैधानिक करार देते हुए कहा कि कानून में प्रावधान नहीं होने के बावजूद मुझे नोटिस देकर दिल्ली बुलाने की कार्यवाही राजनैतिक द्वेष एवं नाजायज दबाव की नीयत से की गई है। फिर भी वे कानूनविदें से इस मामले में सलाह मशवीरा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कानूनी लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ेगे और कानूनी लड़ाई के नाम पर किए जा रहे इस ढोंग का पर्दाफाश भी करेंगे। इसके पीछे चली जा रही सियासती चालों का भी उचित जवाब देंगे। सारा मुद्दा जनता के सामने हैं तो लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने का षडयंत्र किए गए, जिसमें गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य किरदार के रूप में सामने आए।

पीएम को तो उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए

डॉ. जोशी ने आज अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि होना यह चाहिए था कि विभिन्न आरोपों के चलते नैतिकता के आधार पर शेखावत को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना चाहिए था अन्यथा स्वच्छ राजनीति का दावा करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शेखावत को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए था। इस नोटिस को देख लगता है कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री ने नैतिक न्याय करने की बजाय शेखावत को बचाने की जिम्मेदारी अपने अधीन आने वाले दिल्ली पुलिस को दे दी है और उनकी शह पर शेखावत उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसा आचरण कर रहे हैं। जांच तो उल्टा शेखावत की होनी चाहिए थी।

पार्टी ही अब उन्हें फालतू मानती हैं

सरकारी मुख्य सचेतक ने कहा कि शेखावत राजस्थान की जनता को आज तक यह नहीं बता सके है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री बनकर प्रदेश के लिए क्या किया। शेखावत को अब उनकी पार्टी के नेता ही अपरिपक्व एवं फालतू मानने लगे हैं, इसलिए वे इस प्रकार की कार्यवाही से अपने अस्तित्व को बचाने में लगे हुए है।

प्रामणिक तथ्य तो सामने आते

उन्होने कहा कि कोई जब एफआईआर दर्ज करवाता है तो कुछ प्रामाणिक तथ्य एवं दस्तावेज प्रस्तुत करता है। शेखावत ने अपनी एफआईआर में पुलिस को क्या दस्तावेज दिए है यह सामने आना चाहिए। क्या उन्होंने हलफनामा दिया कि टेप में उनकी आवाजा है? क्या दिल्ली पुलिस ने उनसे कोई आवाज का नमूना मांगा और क्या उन्होंने वॉइस सैम्पल दिया है?

पुलिस ने शेखावत की आवाज क्या सत्यापन किया हैं

दिल्ली पुलिस को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सबसे पहले गजेन्द्र सिंह शेखावत की आवाज का सत्यापन कर यह बताना चाहिए कि हां टेप में आई आवाज शेखावत की ही है। शेखावत इतने ही सच्चे हैं तो राज्य की एसीबी में क्यों नहीं आवाज का नमूना दे देते हैं? जब उनसे पूछा गया कि ये समय ही क्यो चुना गया तो उनका उत्तर था कि उन्हें तो भाजपा का यह षडय़ंत्र नजर आता हैं, क्योंकि जब अभी तो ये ही तय नहीं है कि दिल्ली पुलिस का क्षेत्राधिकार है अथवा नहीं। इसकी सुनवाई भी अभी होनी हैँ। दूसरा 65 वर्ष के अधिक उम्र वाले से घर पर आकर पूछताछ की जा सकती है। दिल्ली द$फतर में तलब करना ही गलत हैं।

सीएम से भी की मंत्रणा

डॉ. जोशी कल जयपुर से बाहर गिरिराजजी की परिक्रमा पर भरतपुर गए हुए थे। वहां से आज लौटते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस मामले में मंत्रणा की। माना जा रहा है कि इस मामले में कानूनी और राजनैतिक दोनों ही प्रकार के जवाब देने की तैयारी की जा रही हैं। आपको बता दे कि टेलीफोन टेप कांड में मुख्य रूप से केन्दीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा के खिलाफ दिल्ली में एफआईआर दर्ज करवाई है उसी मे डाू. जोशी को पूछताछ के लिए 24 जून को तलब किया गया हैं।

 

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