चंडीगढ़ : पंजाब में कांग्रेस हाईकमान ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रही रार को थामने के लिए एक कमेटी का गठन किया था, लेकिन उसके तमाम प्रयास असफल होते दिख रहे हैं। कैप्टन की लीडरशिप बनी रहने और डिप्टी सीएम का पद दिए जाने की पेशकश को सिद्धू ने ठुकरा दिया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि सिद्धू ने मल्लिकार्जुन खड़गे की लीडरशिप वाले पैनल से साफ कह दिया है कि वह कैप्टन अमरिंदर के साथ काम करने में सहज नहीं रहेंगे। कहा जा रहा है कि उन्होंने पैनल से कहा है कि यदि वह डिप्टी सीएम का पद स्वीकार भी कर लेते हैं, तब भी सहज नहीं रहेंगे।
विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को किया जा रहा नजरअंदाज
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक सिद्धू ने पैनल से कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंच से दूर रहते हैं। यही नहीं उन्होंने दावा किया कि राज्य में कांग्रेस के विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। पैनल के सामने सिद्धू की इस राय से साफ हो गया है कि पंजाब में कांग्रेस की रार को थाम पाना हाईकमान के लिए टेढ़ी खीर है। माना जा रहा था कि पैनल की ओर से कांग्रेस को जो रिपोर्ट दी गई है, उस पर वह जल्दी ही कुछ कार्रवाई करेगी। लेकिन अब सिद्धू की अतिमहत्वाकांक्षा के चलते सारे प्रयास पटरी से उतर सकते हैं।
