नई दिल्ली: देश में भारी विरोध के बाद ट्विटर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के साथ-साथ अरुण कुमार, सुरेश जोशी और कृष्ण गोपाल के अकाउंट पर ब्लू टिक को (Twitter U-turn) वापस करना पड़ा है। बता दें कि इससे पहले शनिवार सुबह ट्विटर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई नेताओं के निजी ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया था। हालांकि इस फैसले पर बवाल बढ़ने के बाद ट्विटर ने नायडू के ट्विटर हैंडल पर दोबारा ब्लू टिक (Twitter U-turn) लगा दिया था।
बढ़ी फॉलोअर्स की संख्या
खास बात यह है कि ब्लू टिक हटाने और वापस आने तक हुए इस विवाद के बाद इन हस्तियों की फॉलोअर्स संख्या में इजाफा हुआ। संघ प्रमुख मोहन भागवत के फॉलोअर्स की संख्या की बात करें तो ब्लू टिक हटाए जाने पर यह 207.9 k थे, जबकि ब्लू टिक वापस आने तक यह बढ़ा 214.3k पर पहुंच गई। इस तरह देखें तो भागवत को फॉलो करने वालों की संख्या में करीब छह लाख 40 हजार का इजाफा हुआ। कुछ ऐसा ही वेंकैया नायडू के मामले में भी देखने को मिला। ब्लू टिक हटने पर नायडू के 1.2 मिलियन फॉलोअर थे। वहीं ब्लू टिक वापस आने पर यह संख्या बढ़कर 1.3 मिलियन हो गई।
ट्विटर ने दी थी सफाई, नियमों के तहत की थी कार्रवाई
मोहन भागवत का ट्विटर अकाउंट मई 2019 में बना था। ट्विटर से ब्लू टिक हटाने का मतलब होता है कि ट्विटर ने उस अकाउंट को अनवेरिफाई कर दिया है। ट्विटर के नियमों के मुताबिक, अकाउंट को सक्रिय रखने के लिए हर छह महीने में लॉग इन करना जरूरी है और प्रोफाइल को अपडेट करना जरूरी है। वहीं वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाने के बाद ट्विटर की ओर से यही सफाई दी गई थी कि वेंकैया नायडू के ट्विटर हैंडल को पिछले छह महीने में लॉग इन नहीं किया गया था।
