नई दिल्ली: भारत के उपराष्ट्रपति एम वेकैंया नायडू (M. Venkaiah Naidu) के ट्विटर अकाउंट को अनवेरिफाइड (unverified) कर दिया गया। दरअसल, ट्वीटर ने उपराष्ट्रपति के पर्सनल ट्वीटर हैंडल से वेरिफाइड ब्लू टिक को हटा दिया है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख थोड़ी ही देर में ट्विटर को नायडू के अकाउंट का ब्लू-टिक रिस्टोर करना पड़ा। ट्विटर ने कहा की उपराष्ट्रपति का पर्सनल अकाउंट पिछले कई महीने से एक्टिव नहीं था। इस वजह से उनके पर्सनल हैंडल को अनवेरिफाइड कर दिया गया था।
उपराष्ट्रपति @VPSecretariat के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ब्लू टिक है और इसके 9.3 लाख फॉलोअर्स हैं। जबकि वेंकैया नायडू के पर्सनल ट्विटर हैंडल @MVenkaiahNaidu पर 1.3 M फॉलोअर्स हैं।
13 लाख फॉलोअर्स
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के पर्सनल अकाउंट को 13 लाख लोग फॉलो करते हैं जबकि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू इस अकाउंट से मात्र 11 लोगों को फॉलो करते हैं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का इस ट्विटर अकाउंट से पिछले 11 महीने से कोई ट्वीट नहीं हुआ है। इस अकाउंट से 23 जुलाई 2020 को आखिरी बार ट्वीट किया गया था।
ट्विटर पर किस स्थिति में हटाता है ब्लू टिक
Twitter की शर्तों के अनुसार, यदि कोई अपने हैंडल का नाम (@handle) बदलता है या फिर यूजर अपने अकाउंट को उस तरह से इस्तेमाल नहीं करता। जिसके आधार पर वेरिफाई किया गया था। तो इस स्थिति में ब्लू टिक यानी blue verified badge हटा देता है।
ट्विटर से नाराज IT मंत्रालय
वैंकया नायडू के ट्विटर एकाउंट से वेरिफिकेशन हटाने से आईटी मंत्रालय नाराज है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय का मानना है कि देश के नंबर-2 अथॉरिटी के व्यक्ति के साथ ऐसा सलूक नहीं किया जा सकता। इसके पीछे ट्विटर की मंशा गलत है। मामले में ट्विटर की दलील भी पूरी तरह गलत है।
संघ से जुड़े कई पदाधिकारियों का वेरिफिकेशन वापस
संघ से जुड़े नेता राजीव टुली ने कहा है कि ट्विटर ने आरएसएस के कई पदाधिकारियों का ट्विटर वेरिफिकेशन भी वापस ले लिया है। उन्होंने कहा है कि इस बाबत हम ट्विटर से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं दे रहा है।
