नई दिल्ली: दुनियाभर में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस(World Environment Day) मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। विश्व पर्यावरण दिवस के दिन लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक और इसको सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा 1972 में की गई थी। इस साल पाकिस्तान विश्व पर्यावरण दिवस का वैश्विक मेजबान होगा।
कोरोना वायरस से कितना प्रभावित हुआ पर्यावरण
- कोरोना वायरस और लॉकडाउन ने लोगों को घर में बंद क्या किया पर्यावरण ने खुल कर सांस लेना शुरू कर दिया।
- दरअसल, लोग इस दौरान प्रकृति प्रेमी भी बने, कई लोग ने तो कोरोना से जंग जीतने के बाद पौधे उगाए।
- गाड़ियों के परिचालन ठप रहने से हवा स्वच्छ हुई, मौसम चक्र बदला।
- मानव गतिविधियां या कंस्ट्रक्शन कम होने से प्रदूषण कम हुआ।
- लेकिन, कीटाणुनाशक, मास्क, दस्ताने जैसे कचरो की भरमार बढ़ गयी है जो फिर से हमारे पर्यावरण को बड़ी मात्रा में दूषित कर सकता है।

विश्व पर्यावरण दिवस 2021 का थीम है- Ecosystem Restoration
5 जून से लेकर 16 जून 1972 तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में इस दिन को मनाने को लेकर चर्चा की गई थी। जिसके बाद इस दिन को मनाने की घोषणा की गई है। विश्व पर्यावरण दिवस 2021 का थीम है- Ecosystem Restoration. जिसका हिंदी में अर्थ होता है, पारिस्थितिक तंत्र पुनर्बहाली। जिसका मतलब है कि धरती और पर्यावरण को एक बार फिर से बेहतर स्थिति में लाया जाए।
विश्व पर्यावरण दिवस का इतिहास
संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1972 में स्टॉकहोम (स्वीडन) में पर्यावरण और प्रदूषण पर पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर सम्मेलन आयोजित किया। जिसके बाद से हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। आपको बता दें कि इस सम्मेलन में करीब 119 देशों ने हिस्सा लिया था। वर्ष 1974 में ‘ओनली वन अर्थ’ थीम के साथ मनाया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व
- वायु, जल, फल-सब्जियां, खनिज-सम्पदा जैसी जरूरत की सभी महत्वपूर्ण चीजें देनी वाली प्रकृति के प्रति लोगों को जागरूक करना।
- इस दिन देश व राज्य सरकारें तथा सामान्य नागरिक भी वातावरण को शुद्ध करने का संकल्प लेते हैं।
- जगह-जगह इससे संबंधित कार्यक्रम, स्पीच, भाषण प्रतियोगिताएं होती है।
- कई संगठन या लोग बड़ी मात्रा में पौधारोपण भी करते है।
