नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर देश में आफत बनकर आई है, लेकिन बीते कुछ दिनों से संक्रमण के मामलों में कमी देखी जा रही है। राजधानी दिल्ली में पहले से हालात थोड़ा सुधरे हैं, लेकिन मौत के आंकड़े अभी भी परेशान करने वाले हैं। दिल्ली के हालात पर सीएम अरविंद केजरीवाल(CM Arvind Kejriwal) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की उसमे उन्होंने कहा कि इस संकट के वक्त में दिल्ली सरकार चार बड़े कदम उठाने जा रही है।
1-मुफ्त राशन
सीएम ने कहा कि जिनके पास राशन कार्ड है, पहले उनसे थोड़े पैसे लिए जाते थे, लेकिन अब उनसे पैसा नहीं लिया जाएगा। हर कार्डधारी को 10 किलो मुफ्त राशन मिलेगा। इसके अलावा जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, अगर वो बताएंगे कि उन्हें राशन की जरूरत है तो उन्हें भी राशन मुफ्त दिया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 72,00,000 राशन कार्ड धारकों को इस महीने से राशन मुफ्त में दिया जाएगा, उनसे पैसे नहीं लिए जाएंगे। केंद्र की तरफ से भी इन राशन कार्ड धारकों को 5 किलो राशन मुफ्त में मिल रहा है। अब उन्हें इस महीने 10 किलो राशन मुफ्त में मिलेगा।
2-मुआवजा
सीएम ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जारी इस जंग में कुछ परिवार बेहद मुश्किल हालातों का सामना कर रहे हैं प्रत्येक परिवार को जिसमें किसी की मौत कोरोना के कारण हुई है, उसे अनुग्रह राशि के रूप में 50,000 रुपये दिए जाएंगे
कोरोना की वजह से बहुत से परिवारों ने अपनों को खो दिया है। ऐसे कई परिवार हैं जहाँ से कमाने वाला सदस्य ही चला गया। कोरोना से हुई प्रत्येक मृत्यु पर परिजनों को 50 हज़ार रुपए मुआवज़ा और जिनके घर से कमाने वाला सदस्य गया है उन्हें हर महीने ढाई हज़ार रुपए पेंशन भी दी जाएगी। pic.twitter.com/lk95L0CFiU
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 18, 2021
3- परिवार को पेंशन
कई ऐसे परिवार हैं, जिनके घर में कमाने वाले की ही संक्रमण से मौत हो गई है। ऐसे परिवारों को 50 हजार मुआवजे के साथ ढाई हजार रुपए महीना पेंशन भी दी जाएगी।
4- अनाथ बच्चों का खर्चा
ऐसे बच्चे जिनके मां-बाप दोनों की मौत हो गई है, उन बच्चों को 25 साल उम्र तक हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे,इसके अलावा शिक्षा का सारा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।
भ्रष्टाचार कम कर बनाई योजना
केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने कहा- दिल्ली सरकार ने ईमानदारी से काम किया और भ्रष्टाचार को कम किया है। जो पैसा भ्रष्टाचार कम होने की वजह से बचा है, उसी से ये घोषणाएं पूरी की जाएंगीं। लॉकडाउन से लोगों का रोजगार खत्म हुआ है। बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनके घरों में अपनों की मौत हो गई है। कमाने वालों की जान चली गई है। बच्चे अनाथ हुए हैं, बुजुर्ग अकेले हो गए हैं। ऐसे लोगों को घोषणाओं से राहत मिलेगी।
Read More : मनीष सिसोदिया ने उठाए सवाल, याद दिलाई ‘प्रोटोकॉल’ वाली बात
