नई दिल्ली : देश में कोरोना वैक्सीन की किल्लत के बीच टीकाकरण पर बनाई गई राष्ट्रीय तकनीकी सलाहाकर समूह (NTAGI) ने वैक्सीनेशन को लेकर कई सिफारिशें की हैं, जिसे सरकार ने मान लिया है।
एनटीएजीआई(NTAGI) ने कोविशील्ड(covishield) की दो खुराक के बीच के अंतर को 6-8 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह करने की सिफारिश की है, जिसे सरकार ने लागू कर दिया है।
Gap between 2 doses of #CovishieldVaccine has been increased to 12-16 weeks from 6-8 weeks currently.
Decision has been taken based on recommendations given by COVID working group after analysing emerging evidence.@PMOIndia @MoHFW_INDIA #Unite2FightCorona pic.twitter.com/kRbbjxGKSJ
— Dr Harsh Vardhan (@drharshvardhan) May 13, 2021
अब कोविशील्ड वैक्सीन की दो खुराक के बीच गैप 6-8 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया गया है। अभी तक कोविशील्ड वैक्सीन की दो खुराकों के बीच का अंतराल चार से आठ हफ्ते था।
दूसरी डोज देरी से दी जाए तो कम हो सकती है मौतें
दरअसल, एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि अगर कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज देरी से दी जाए तो इससे कोरोना संक्रमण की वजह से मौतें कम होंगी। इस पर विचार के बाद एनटीएजीआई ने कोविशील्ड डोज का अंतराल बढ़ाने की सिफारिशों को राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के पास भेजा, जिसके बाद वैक्सीन की दो खुराक के बीच गैप 6-8 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया गया। अभी तक कोविशील्ड की दो डोज के बीच चार से आठ हफ्ते का अंतराल था।
गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन
एनटीएजीआई ने यह भी सुझाव दिया है कि गर्भवती महिलाओं को किसी भी कोरोना वैक्सीन लेने का विकल्प दिया जा सकता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद किसी भी समय टीका लगाया जा सकता है।
रिकवरी के तीन महीने बाद वैक्सीन लगाने का सुझाव
इसके साथ ही एनटीएजीआई ने सिफारिश की है कि कोरोना पॉजिटिव हुए लोगों को रिकवरी के 6 महीने के बाद वैक्सीन लगाई जाए। इससे पहले डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमितों को रिकवरी के तीन महीने बाद वैक्सीन लगाने का सुझाव दिया था।
अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन में भी कोरोना से रिकवरी के 90 दिन के बाद वैक्सीन लगवाने की सलाह दी गई है।
Read More :
- Vaccine Trails : दो साल से 18 साल के बच्चों पर भारत बायोटेक को मिली मंजूरी
- अगले हफ्ते से भारत में मिलेगी Sputnik V वैक्सीन
