कोटा: यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के विधानसभा में दिए गए विवादित बयान को लेकर बवाल जारी है। कोटा में मंगलवार को महिलाओं ने चंडी मार्च निकाला। हजारों की तादाद में महिलाएं इस विरोध रैली में शामिल हुई। उमेद सिंह स्टेडियम के पास से रवाना हुई रैली कलेक्ट्रेट तक पहुंची। इस दौरान पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने रैली का नेतृत्व किया। रैली में बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं समेत शहर की आम महिलाएं भी शामिल रही।
रैली में शामिल रही महिलाओं ने सिर पर केसरिया साफा हाथों में तलवारें और डंडे ले रखे थे। नारेबाजी के साथ शुरू हुई रैली में महिलाओं ने अखाड़ों का भी प्रदर्शन किया। अखाड़े का प्रदर्शन कर महिलाओं ने यह संदेश दिया कि प्रदेश में महिलाएं भी किसी से कम नहीं है। अपने आत्म सम्मान की लड़ाई के लिए महिलाएं सड़क पर उतर सकती है। इस रैली को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता मौजूद था। रैली कलेक्ट्रेट पहुंची जहां पर एक सभा का भी आयोजन किया गया। रैली जब स्टार्ट हुई और अग्रसेन सर्किल तक पहुंची तो रूट को लेकर पुलिस और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के बीच में तकरार भी हो गई। दरअसल रैली का रूट विवेकानंद सर्किल से होते हुए था। इस दौरान पुलिस ने अग्रसेन सर्किल से शीशे डाइवर्ट करने के लिए कहा इस बात को लेकर एडिशनल एसपी प्रवीण जैन और गुंजल के बीच में तकरार और धक्का-मुक्की भी हो गई।

महिलाओं के शौर्य की घटनाओं से भरा हुआ है प्रदेश
कलेक्ट्रेट पर सभा को संबोधित करते हुए प्रहलाद गुंजल ने कहा कि यह प्रदेश महिलाओं की शौर्य गाथाओं की कहानी आज भी गाता है। धारीवाल ने विधानसभा में रेप के मामले को लेकर जो बयान दिया वह प्रदेश की महिलाओं के आत्मसम्मान पर चोट है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के आलाकमान में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी को तय करना है की वह इस तरह के बयान देने वाले मंत्री का साथ देती है या अपने बयान लड़की हूं लड़ सकती हूं पर कायम रहती है। गुंजल ने कहा कि यह लड़ाई अब खत्म नहीं होगी जब तक जारी वालों के ऊपर एक्शन नहीं लिया जाता।
