अजमेर: ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 810वें उर्स में इस बार पाकिस्तानी जायरीन का जत्था आएगा। इस बारे में जिला प्रशासन को सूचना मिली है। इसके लिए बसों और सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य तैयारियां शुरू कर दी गई है। हालांकि कई बार विशेष कारणों के चलते पाक जत्थे उर्स में शामिल नहीं हुए। पिछले साल भी कोरोना के कारण आने की अनुमति नहीं दी गई थी। यह जत्था पाक सरकार और जत्थे में शामिल सभी जायरीन व्यक्तिगत रूप से भी चादरें पेश करते हैं।
इनके ठहरने की व्यवस्था सेन्ट्रल गर्ल्स स्कूल में की जाएगी। उर्स की औपचारिक शुरूआत बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ने के साथ हो गई है। विधिवत शुरुआत 2 या 3 फरवरी से होगी। ADM सिटी राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि 500 पाक जायरीन 5 को आएंगे, इसके लिए तैयारी की जा रही है।
पाक जायरीन की सूचना पर सुरक्षा एजेंसी अलर्ट
ख्वाजा साहब के 810वें उर्स में पाक जायरीन के अजमेर आने की सूचना पर सुरक्षा एजेंसियों के साथ जिला पुलिस भी अलर्ट हो गई है। एडीएम सिटी राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि पाक जत्थे को लेकर अलग से जाप्ता भी लगाया जाएगा।
कायड़ विश्राम स्थली पर भी की जा रही तैयारी
उर्स के दौरान व्यवस्थाओं के लिए कायड़ विश्राम स्थली में तैयारी शुरू कर दी गई है। यहां देशभर से आने वाले जायरीन ठहरते है। कलेक्टर ने सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्थाओं को अंजाम देने के लिए निर्देश दिए। विभिन्न विभागों को इसके लिए अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।
