पायलट समर्थकों को मिली विधानसभा कमेटियों में जगह-हेमाराम का इस्तीफा मंजूर नहीं होने के संकेत,बनाया राजकीय उपक्रम समिति का सभापति

पायलट समर्थकों को मिली विधानसभा कमेटियों में जगह-हेमाराम का इस्तीफा मंजूर नहीं होने के संकेत,बनाया राजकीय उपक्रम समिति का सभापति

जयपुर: राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी घमासान जारी है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने विधानसभा की 19 कमेटियों का पुनर्गठन किया है। विधानसभा की समितियों के पुनर्गठन में कई सियासी संकेत भी छिपे हैं, सचिन पायलट और उनके समर्थकों को समितियों में तवज्जो दी गई है। पायलट समर्थक विधायको को समितियों में जगह देकर उनको साधने की कोशिश की जा रही है जिससे प्रदेश में जारी इस सियासी जंग को शांत किया जा सके।

सचिन पायलट समर्थक विधायक हेमाराम चौधरी का इस्तीफा मंजूर होने के अब कोई आसार नहीं है। हेमाराम को विधानसभा की राजकीय उपक्रम समिति का सभापति बनाया गया है। बताया जा रहा है कि अगर स्पीकर उनका इस्तीफा मंजूर करते तो विधानसभा समिति का सभापति नहीं बनाते।

लॉकडाउन खत्म होने के बाद हेमाराम को स्पीकर के समक्ष पेश होने को कहा

बाड़मेर जिले के गुढ़ामालानी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हेमाराम चौधरी ने तकरीबन डेढ़ महीने पहले 18 मई को ई-मेल और डाक से अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेजा था। स्पीकर ने लॉकडाउन खत्म होने के बाद उन्हें सात दिन में समय लेकर पेश होने को कहा था। पिछले दिनों हेमाराम जयुपर आए, लेकिन विधानसभा सचिवालय ने अभी मोडिफाइड लॉकडाउन होने का तर्क देकर लॉकडाउन पूरी तरह खत्म होने के बाद ही आने को कहा था। उसके बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि क्या हेमाराम चौधरी का इस्तीफा मंजूर होगा या नहीं? लेकिन अब विधानसभा में समितियों के पुनर्गठन में हेमाराम को विधानसभा की राजकीय उपक्रम समिति का सभापति बना देने के बाद यह साफ़ हो गया है कि संभवतया हेमाराम चौधरी का इस्तीफा मंजूर नहीं होगा।

सदाचार कमेटी में खुद पायलट भी

विधानसभा की कमेटियों में सचिन पायलट समर्थकों पर्याप्त तव्वजो मिली है। विधानसभा की सदाचार समिति एथिक्स कमेटी और राजकीय उपक्रम समिति सबसे ज्यादा चर्चा में है। विधानसभा की 9 सदस्यों की सदाचार समिति एथिक्स कमेटी में पायलट समर्थक दीपेंद्र सिंह सभापति हैं। इस कमेटी में सचिन पायलट, रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह सदस्य हैं, विश्वेंद्र सिंह हांलाकि खेमा बदल चुके हैं।

तीन पायलट समर्थक विधायक विधानसभा कमेटियों के सभापति

पायलट समर्थक तीन विधायकों को विधानसभा की तीन कमेटियों का सभापति बनाया है। हेमाराम चौधरी को राजकीय उपक्रम समिति, दीपेंद्र सिंह शेखावत को सदाचार समिति और बृजेंद्र सिंह ओला को प्रश्न व संदर्भ समिति का सभापति बनाया है। वही पायलट कैंप को छोड़कर सबसे पहले जयपुर लौटने वाले विधायक भंवरलाल शर्मा को भी सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति का सभापति बनाया गया है।

पायलट समर्थक विधायकों इन समिति में मिली जगह

मुरारीलाल मीणा को जनलेखा समिति और सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति सदस्य बनाया है। वेद प्रकाश सोलंकी को विशेषाधिकार समिति और अधीनस्थ विधान समिति, राकेश पारीक को नियम समिति, पर्यावरण संबंधी समिति में सदस्य बनाया। रामनिवास गावड़िया को पुस्तकालय समिति और पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी समिति में लिया है। जीआर खटाणा को याचिका समिति और पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी समिति में लिया है। हरीश मीणा को एस्टीमेट कमेटी ए में, इंद्राज सिंह गुर्जर को सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति में सदस्य बनाया है। अमर सिंह जाटव को एससी कल्याण समिति का सदस्य बनाया है। वीरेंद्र सिंह को राजकीय उपक्रम समिति का सदस्य बनाया है।

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