नई दिल्ली/अहमदाबाद: एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देश की उद्यमशीलता के क्षेत्र की प्रमुख संस्था राष्ट्रीय उद्यमशीलता विकास संस्थान ‘एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई)’ को देश के स्किलिंग ईकोसिस्टम के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा ’सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (सीओई) के रूप में मान्यता दी गई है। ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ सुनील शुक्ला ने बताया कि इस संबंध में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा एक आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना जारी की गई है।
मंत्रालय द्वारा कई मापदंडों पर संस्थान की गहन जांच के बाद दी गई मान्यता शुरू में पांच साल के लिए वैध होगी। एमएसडीई द्वारा जारी सीओई की मान्यता दिशानिर्देशों के अनुसार एक ’सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ एक ऐसा निकाय है, जो तेजी से उभरती टैक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान देने के साथ विशिष्ट क्षेत्रों के लिए नेतृत्व, सर्वोत्तम अभ्यास, अनुसंधान और विकास सहायता, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करता है। इसका अर्थ है ऐसा निकाय जहां उच्चतम मानकों को बनाए रखा जाता है।
ईडीआईआई को स्किलिंग ईकोसिस्टम में एक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है। यह उद्योग, शिक्षाविदों और सरकारों के साथ सहयोगात्मक तरीके से काम करने वाला वन-स्टॉप राष्ट्रीय संसाधन केंद्र है। यह नए उद्यम निर्माण और रोजगार बढ़ाने को सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण और दक्षता प्रदान करता है, उभरते कौशल अंतराल को दूर करता है और उद्योग की जरूरतों से मेल खाने वाले नवाचारों के लिए अनुसंधान करता है।
ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ सुनील शुक्ला ने कहा, ‘यह बहुत गर्व की बात है कि ईडीआईआई को भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है। ईडीआईआई ने उद्यमिता विकास की अवधारणा को पेश किया और यह स्थापित किया कि कैसे उद्यमिता को किसी भी अन्य शैक्षणिक विषय की तरह अपना व्यवसाय स्थापित करने के लिए सीखा जा सकता है। कौशल और ज्ञान भारत के लिए आर्थिक विकास और सामाजिक विकास की प्रेरक शक्ति हैं और बदलते वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए संस्थान ने उद्यमिता के आधार पर संपूर्ण आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों को लक्षित किया है।’
शुक्ला ने बताया कि उद्योग, शिक्षाविदों और सरकारों के साथ सहयोगात्मक तरीके से काम करने वाला एक-स्टॉप राष्ट्रीय संसाधन केंद्र होने के नाते ईडीआईआई को ’सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की मान्यता दी गई है। यह नया उद्यम निर्माण और रोजगार बढ़ाने को सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण और दक्षता प्रदान करता है, उभरते कौशल संबंधी अंतराल को दूर करता है और उद्योग की जरूरतों से मेल खाने वाले नवाचारों के लिए अनुसंधान करता है। रवांडा के किगली में ईडीआईआई के छठें अंतरराष्ट्रीय ईडी केंद्र की स्थापना हुई है। इंस्टीट्यूट का मकसद दुनिया को उद्यमशीलता का मार्ग देना है ताकि आर्थिक विकास की राह प्रशस्त हो सके।
रवांडा-इंडिया एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर का उद्घाटन
किगली, रवांडा में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन के हाथों 15 नवंबर 2021 को हुआ। केंद्र की स्थापना एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई) द्वारा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ एक समझौते के तहत की गई है।यह ईडीआईआई द्वारा स्थापित छठा अंतरराष्ट्रीय ईडी केंद्र है। इससे पहले संस्थान ने कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार, वियतनाम और उज्बेकिस्तान में भी केंद्र स्थापित किए हैं।
ईडीआईआई के महानिदेशक ने सेंटर के बारे में बताते हुए कहा, ‘उद्यमी उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए केंद्र मुख्य रूप से स्वदेशी उद्यमियों के बीच उद्यमशीलता की संस्कृति लाते हुए उन्हें पर्याप्त ज्ञान और अनुभव से लैस करेगा, उद्यमिता शिक्षा, प्रशिक्षण और व्यापार सलाहकार सेवाएं शुरू करेगा; नीति समर्थन और निर्माण सुनिश्चित करेगा, अधिकारियों को प्रशिक्षित करते हुए यह सुनिश्चित करेगा कि रवांडा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के उद्भव, पोषण और विकास के लिए एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण बनाया जाए।’
उद्यमिता विकास गतिविधियों के निर्वाह को सुनिश्चित करने के लिए, संस्थान सक्षम प्रशिक्षक-प्रेरक और व्यावसायिक परामर्शदाताओं को भी संस्था से जोड़ेगा और राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर नीति बनाने की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा ताकि ऐसी नीतियां बनाई जा सकें जो उद्यमियों के अनुकूल हों।
रवांडा-इंडिया एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेंटर के उद्घाटन और ईडीआईआई द्वारा सलाहकार की नियुक्ति के बाद, 16 नवंबर को किगाली में पहला न्यू एंटरप्राइज क्रिएशन प्रोग्राम शुरू किया गया था। 18 दिवसीय इस कार्यक्रम में 30 संभावित उद्यमी भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही, रवांडा में ईडीआईआई टीम कारोबार संबंधी अवसरों की पहचान में भी जुटी है और स्थानीय आवश्यकताओं और शर्तों के अनुकूल कम से कम 50 से 70 परियोजना प्रोफाइल विकसित कर रही है।

