नई दिल्ली : असम सरकार ने 6 विद्रोही संगठनों के साथ शनिवार को कार्बी आंगलोंग समझौते (Karbi Peace Accord Agreement) पर हस्ताक्षर किया। ये हथियारबंद समूह 30 साल से हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है। अब मुख्यधारा में लौटे गए हैं। इस ऐतिहासिक समझौते के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल मौजूद थे।
कार्बी समझौते पर हस्ताक्षर (Karbi Peace Accord Agreement) करने वाले सशस्त्र समूहों में कार्बी लोंगरी नॉर्थ कछार हिल्स लिबरेशन फ्रंट (KLNLF), पीपुल्स डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कार्बी लोंगरी(PDCK), यूनाइटेड पीपुल्स लिबरेशन आर्मी(UPLA) , कार्बी पीपुल्स लिबरेशन टाइगर्स (KPLT), कार्बी पीपुल्स लिबरेशन टाइगर्स (R) और कार्बी पीपुल्स लिबरेशन टाइगर्स (M) शामिल हैं।
The signing of Karbi-Anglong Agreement is another milestone in PM @narendramodi ji’s vision of “Insurgency free Prosperous North East”.
Over 1000 armed cadres have abjured violence and joined the mainstream of society, which reflects their trust in PM Modi ji’s leadership. pic.twitter.com/AKK7iosquQ
— Amit Shah (@AmitShah) September 4, 2021
इस समझौते के फलस्वरूप, इन समूहों से जुड़े करीब 1000 उग्रवादियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कार्बी समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘उग्रवाद मुक्त समृद्ध पूर्वोत्तर’’ के दृष्टिकोण में एक और मील का पत्थर साबित होगा।
शाह ने कहा कि कार्बी क्षेत्र में विशेष विकास परियोजनाओं को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार और असम सरकार द्वारा पांच वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये का एक विशेष विकास पैकेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम इस समझौते को समयबद्ध तरीके से लागू करेंगे।’’ गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें कार्बी आंगलोंग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और क्षेत्र में शांति कायम होगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने पूर्वोत्तर के अन्य उग्रवादी समूहों एनडीएफबी, एनएलएफटी और ब्रू समूहों के साथ पूर्व में हस्ताक्षरित इसी तरह के शांति समझौते का उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘हम समझौतों की सभी शर्तों को अपने ही कार्यकाल में पूरा करते हैं और इन्हें पूरा करने का सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। ’’
शाह ने कहा कि जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं तब से पूर्वोत्तर प्रधानमंत्री का न सिर्फ फोकस का क्षेत्र रहा है, बल्कि पूर्वोत्तर का सर्वांगीण विकास और वहां शांति और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
यह समझौता महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्बी आंगलोंग (Karbi Peace Accord Agreement) में वर्षों से उग्रवादी समूह अलग क्षेत्र की मांग को लेकर हिंसा, हत्याएं और अगवा करने जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।

