नई दिल्ली: कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को दिखाने वाली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को देखने के बाद मंगलवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रोने लगे। भाजपा के फायर ब्रांड नेता की इमेज रखने वाले गिरिराज सिंह ने थिएटर से बाहर निकलने के बाद कहा कि यह फिल्म नहीं होती तो देश कश्मीर का सच नहीं जान पाता। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू बहते रहे। उन्होंने फिल्म मेकर्स से इस फिल्म को गांव-गांव ले जाकर पूरे देश में दिखाने की अपील की।
दरअसल डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर पिछले कई दिन से विवाद चल रहा है। बहुत सारे बुद्धिजीवी इस फिल्म से समाज में दूरियां बढ़ाने की संभावना जताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग भी कर चुके हैं। इसके उलट भाजपा और कई अन्य हिंदूवादी संगठनों के नेता इस फिल्म के जरिए सच्चाई दुनिया के सामने आने की बात कह रहे हैं। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने भी एक दिन पहले इस फिल्म का समर्थन किया था। मंगलवार रात को वह खुद यह फिल्म देखने थिएटर में भी पहुंच गए।
फिल्म देखने के बाद गिरिराज सिंह जब थिएटर से बाहर निकले तो उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे। मीडिया ने उनसे फिल्म को लेकर प्रतिक्रिया मांगी तो वह एक पल के लिए कुछ नहीं कह पाए। इसके बाद उन्होंने कहा, यह फ़िल्म नहीं होती तो देश सच को नहीं जान पाता। ऐसा भी नहीं कि हम 90 के दशक में बच्चे थे। हमने कश्मीर में जो हुआ था, उसके बारे में अखबारों में ही पढ़ा था। जिन्होंने यह फ़िल्म बनाई है, उन्हें इसे गांव-गांव में दिखाना चाहिए। तभी सच सामने आ पाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी भी कर चुके फिल्म की तरफदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार को द कश्मीर फाइल्स फिल्म की तरफदारी की। उन्होंने कहा, इन दिनों कश्मीर फाइल्स की चर्चा चल रही है और जो लोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के झंडे लेकर चलते हैं, वो लोग पिछले 5-6 दिन से बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा, मेरी रूचि उस फिल्म में नहीं है बल्कि मेरा विषय है कि जो सत्य है, उसको सही स्वरूप में सबके सामने लाना ही देश की भलाई होती है।
