जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने आज साफ संकेत दे दिए कि कुछ मंत्रियों की छ्ट्टी कर उन्हें संगठन का काम सौंपा जाएगा। माकन ने हालांकि कहा कि विधायकों व मंत्रियों से उनकी बात हुई है उसमें पार्टी हित तथा 2023 में फिर से राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाने के लिए मंत्रिमण्डल के कई सहयोगी मंत्री पद छोड़ संगठन में काम करने के इच्छुक हैं।
माकन ने कौन-कौन से मंत्री संगठन के लिए पद छोडऩे के इच्छुक है उनके नाम तो नहीं बताएं,लेकिन कहा कि उन्हें खुशी है कि बड़ी तादाद में मंत्रियों ने संगठन में काम करने की इच्छा जाहिर की है। सचिन पायलट को लेकर पूछे गए सवाल को यह कहकर टाल गए कि कहीं कोई मतभेद नहीं हैं। सबका आलाकामन पर भरोसा हैँ।
115 विधायकों से हुई वन टू वन
उन्होंने तीन दिन के अपने प्रवास में हुई चर्चा की जानकारी देते हुए बताया कि 115 विधायकों से वन टू वन हुई। मुख्यमंत्री, सचिन पायलट व सीपी जोशी से मिलकर उन्होंने चर्चा की। विधायकों सेे 2023 में सत्ता में लौटने के फार्मूले पर विचार जाने गए। उनसे संगठन में जिला व ब्लॉक अध्यक्षों तथा राजनीतिक नियुक्तियों पर भी फीडबैक लिया गया गया। संगठन के पदाधिकारियों से भी इस बारे में राय जानी गई। इस बीच कांग्रेस का चल रहा मंथन तीसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव व राजस्थान प्रभारी अजय माकन आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में डोटासरा की टीम यानी प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों से मिले। उनसे सुझाव जाने।
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रायशुमारी का झोला लेकर दिल्ली जा रहे है माकन
माकन रायशुमारी का झोला लेकर दिल्ली जा रहे है ताकि इसे कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी,राहुल व प्रियंका गांधी को सौंपा जा सके। कांग्रेस आलाकमान का इस मंथन अथवा रायशुमारी के पीछे क्या मंतव्य था यह तो स्पष्ट नहीं हो सका,लेकिन ये कयास लगाए जा रहे हैँ कि मंत्रिमण्डल फेरबदल में मंत्रियों को हटाने में आसानी रहेगी। इसके संकेत स्वयं माकन ने स्वयं का उदाहरण देकर दे दिया और बताया कि मैंने मंत्री पद छोड़ राहुल गांधी की टीम में महासचिव के रूप में काम करना स्वीकार किया। प्रदेश मेंं मंत्रियों के पद छोड़ संगठन में काम करने की बात को भी माकन से प्रमुख रूप से मीडिया के सामने कहा। इस संकेत को देखते हुए माना जा रहा है कि कुछ मंत्रियो के इस्तीफे ले उन्हें संगठन में पदाधिकारी बनाया जाएगा। वरिष्ठ मंत्रियों को जहां तक प्रदेश कांग्रेस में खपाने का सवाल है तो उसके लिए चार कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने की जो तैयारी चल रही है उन्हें इस पद पर एडजेस्ट किया जा सकता हैं। Also Read This : पता नहीं अमृत निकलेगा या होगा हलाहल -सोलंकी

