जयपुर। कांग्रेस आलाकमान के दूत बनकर आएं कांग्रेस राष्ट्रीय महामंत्री संगठन केसी वेणुगोपाल व राजस्थान प्रभारी अजय माकन की कल देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से क्या लम्बी गुफ्तगु हुई यह तो अभी पूरी तरह से सामने नहीं आई। इस बैठक को लेकर तरह-तरह के कयास ही लगाए जा रहे हैं,लेकिन माकन ने जो इशारा किया उसके अनुसार पहले कांग्रेस के जिलाध्यक्षों व ब्लॉक अध्यक्षों का फैसला होगा। मंत्रिमण्डल फेरबदल व राजनैतिक नियुक्तियां कब होगी इसकी कोई डेड लाइन उन्होंने नहीं दी। उसे देखते हुए लगता है कि सीएम की दिल्ली यात्रा हो सकती हैं।
जिला व ब्लॉक अध्यक्षों का जहां तक सवाल है उसके लिए एक बार फिर से विधायकों से रायशुमारी करने माकन 28-29 जुलाई को जयपुर आ रहे हैं। विधायकों से आने वाली चर्चा में सत्ता व संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना हैं। जयपुर यात्रा में आए कांग्रेस नेताओं ने पीसीसी में स्वागत के बाद मीडिया से बात की उसमें केवल बार-बार यहीं कहा कि कहीं कोई विरोधाभास नहीं हैं। सबने एक स्वर में आलाकमान के निर्णय को सर्वमान्य कहा हैं। सब कुछ जल्द निपटा लिया जाएगा।
माकन ने किया डोटासरा का बचाव
मंत्रिमण्डल व राजनैतिक नियुक्तियां भी होगी। माकन ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह जताने की कोशिश भी की कि उनकी यात्रा पूरी तरह सफल रही। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा पर आरएएस भर्ती साक्षात्कार को लगे आरोपों को यह कहकर खारिज कर दिया कि क्या भाजपा अपने कार्यकाल में हुए फैसले का विरोध कर रही है,क्योंंकि उनके बेटे व पुत्रवधु तो भाजपा राज में बने हैं। उन्होंने कहा कि डोटासरा ने जिस मुखरता के साथ आरएसएस के निम्बाराम का मसला उठाया है उसके कारण ही डोटासरा के खिलाफ बेवजह ये मुहिम छेड़ी गई हैं।
केंद्र सरकार जनता की आवाज दबाना चाहती है
राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने महंगाई की मार को लेकर कांग्रेस के दस दिनों तक की आंदोलन, पेगासस जासूसी कांड आदि की भी चर्चा की और कहा कि जासूसी कांड में धन खर्च किया जा रहा है जबकि महंगाई व अन्य कामों पर केन्द्र का ध्यान नहीं हैं। जज व राहुल गांधी आदि की जासूसी करवाने का जो काम केन्द्र ने किया है उसे देखते हुए लगता है कि जनता की आवाज को सरकार दबाना चाहती है तथा जासूरी कर अपने सभी विरोधियों से निपटने का कुचेष्टा कर रही हैँ।
बैठक में पायलट सहित कई नेता मौजूद थे
इससे पहले दोनों नेताओं प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित स्वागत बैठक में भी भाग लिया। डोटासरा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित कई नेता मौजूद थे,लेकिन मुख्यमंत्री नहीं आएं। स्वागत समारोह की बैठक भी एक घंटे से कम समय में ही खत्म भी हो गई। पहले इस बैठक को लेकर हल्ला किया जा रहा था कि बैठक में शक्ति प्रदर्शन होगा। बहुत कम विधायक व मंत्री ही बैठक में पहुंचे।
