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RAS प्रकरण : विवादों के भंवरजाल में फंसे डोटासरा की हो सकती है छुट्टी

जयपुर। राजस्थान लोकसेवा आयोग (RPSC) की ओर से हाल में चयनित आरएएस (RAS) का मसला दिनों दिन और गहराता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा भी इस मसले में पूरी तरह से फंसते जा रहे हैं। हर जांच को तैयार हूं कि उनकी घोषणा से भी मामला शांंत होने के स्थान पर अधिक गहराता जा रहा है। आरएएस भर्ती (RAS Vacancy 2018) मसला उनके गले की हड्डी बन गया हैं। उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्ष ने भी मोर्चा खोल रखा है। प्रतिपक्ष के नेता ने तो मुख्यमंत्री से उन्हें हटाने तक की मांग कर डाली।

कांग्रेस आलाकमान तक भी यह मसला पहुंचा हैं। अगर विवाद बढ़ा तो डोटासरा को दोनों ही पद गंवाने पड़ सकते हैं,क्योंकि शिक्षा विभाग में तो गुपचुप में अपने ही अपनों के तबादलों को लेकर डोटासरा केवल विपक्ष के ही आरोपों के घेरे में नहीं हैं, कांग्रेस के एमएलए भी उनसे शिक्षकों के तबादलों को लेकर नाखुश हैं। संगठन की बागडोर का जहां तक सवाल है वह भी उनसे सही ढंग से संभल नहीं पा रही।

कांग्रेस आलाकमान ने ऐसे ही एक मामले में 1985-86 में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर को पदमुक्त किया था।  उन पर बेटी और उसकी दोस्त को एमडी परीक्षा में अंकों को लेकर फर्जीवाड़े  करने का आरोप था। बोम्बे हाईकोर्ट ने भी इनके खिलाफ सख्त आदेश भी जारी किए थे। निलंगेकर का हाल में कोरोना के कारण 5 अगस्त 2020 को निधन हो गया।

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कभी पायलट गुट के रहे डोटासरा को मुख्यमंत्री खेमे ने आपात स्थिति में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनवाया था,लेकिन सीएम खेमे का भी अब मोहभंग सा हो गया हैं। एक के बाद एक विवादों को देखते हुए नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की संभावना तलाशी जाने लगी हैं। कृषिमंत्री लालचंद कटारिया को उनके विकल्प के रूप में देखा जा रहा हैं। कटारिया इन दिनों मुख्यमंत्री के विश्वासपात्रों में से एक माने जाते हैं।

दूसरी तरफ पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का खेमा भी अपने किसी चेहते को पीसीसी आध्यक्ष पद पर लाने की कोशिश में है। डोटासरा का नाम पायलट की डायरी से जब पाला बदला था तब ही कट गया था ऐसे में पायलट खेमे की ओर से भी उनका बचाव करने की कम ही संभावना हैं। चूंकि जाट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष है। डोटासरा के स्थान पर इसीलिए जाट पीसीसी अध्यक्ष की चर्चा चल रही हैं ताकि इस वर्ग की नाराजगी कांग्रेस पार्टी को न झेलनी पड़े।

इस बीच शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के रिश्तेदारों के राजस्थान प्रशासनिक सेवा में चयन को लेकर पहले केवल साक्षात्कार में 80-80 प्रतिशत अंकों की बात आई थी। उसके बाद ओबीसी सर्टिफिकेट को लेकर कल दिनभर सोशल,प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक्स मीडिया में चर्चा उठी। आरटीआई कार्यकर्ता गोर्वधनसिंह अब उनके रिश्तेदार रमेशचंद पूनियां के पट्टे प्रकरण को ले आए।

गोवर्धनसिंह ने कल आरपीएससी चेयरमैन व सदस्यों के नाम एक पत्र भी भेजा था जिसमें 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करवाने को कहा गया था। छह जनों के हस्ताक्षरित इस पत्र को लेकर उनका कहना है कि आरपीएससी अगर मामला दर्ज नहीं करवाएगी तो उन्हें भी आरोपी बना हम एफआईआर दर्ज करवाएंगे। जरूरतपड़ी तो हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

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