नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नारदा स्टिंग मामले (Narada Sting Case) को ट्रांसफर करने की सीबीआई की अर्जी पर दाखिल किए गए पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee)और कानून मंत्री मलय घटक (Malay Ghatak) के जवाबी हलफनामे स्वीकार नहीं करने का कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश शुक्रवार को रद्द कर दिया।
न्यायमूर्ति विनीत शरण और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की आवकाशकालीन पीठ ने उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ से आग्रह किया कि सीबीआई (CBI) की याचिका पर फैसला करने से पहले पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कानून मंत्री मलय घटक के आवेदनों पर नए सिरे से विचार करे।
SC asks West Bengal CM Mamata Banerjee, Law Min Moloy Ghatak&State govt to file their applications in Calcutta HC by June 28.
SC asked to file applications regarding their counter affidavits filed over allegations about their role on the day of TMC leader’s arrest in Narada case pic.twitter.com/Db5AyyKhDa
— ANI (@ANI) June 25, 2021
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तीन अपीलों पर सुनवाई कर रही थी जिसमें नारदा स्टिंग (Narada Sting Case) से जुड़े मामले में सीबीआई द्वारा 17 मई को तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं की गिरफ्तारी के दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कानून मंत्री मलय घटक की भूमिका पर उन्हें हलफनामे दाखिल करने की अनुमति देने से कलकत्ता उच्च न्यायालय (Kolkata High Court) के इनकार के खिलाफ राज्य सरकार की अपील भी शामिल थी। कोर्ट ने ममता, पश्चिम बंगाल सरकार और कानून मंत्री को हाईकोर्ट में नया आवेदन दाखिल करने को कहा है।
पिछले महीने सीबीआई ने Narada Sting Case में टीएमसी नेताओं को किया था गिरफ्तार
पिछले महीने, नारद घोटाले में टीएमसी के मंत्री फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और पूर्व मेयर शोभन चटर्जी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इसमें सैमुअल से अवैध रूप से रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। यह मामला विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बना था और इसे लेकर बीजेपी लगातार टीएमसी पर हमला बोलते रहती है।
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