जयपुर। भाजपा ने प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां की अगुवाई में राज्य में कांग्रेस सरकार द्वारा कानून का दुरूपयोग कर जयपुर नगर निगम ग्रेटर की निर्वाचित भाजपा की महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर व निर्वाचित पार्टी के पार्षद अजयसिंह चैहान, शंकर शर्मा व पारस जैन को असंवैधानिक रूप से आदेश के विरूद्ध राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम जयपुर ग्रेटर में भाजपा की महापौर व बोर्ड बनने के बाद से ही राज्य की कांग्रेस सरकार ने नगर निगम जयपुर ग्रेटर की महापौर व बोर्ड के कार्यों में बाधा पहुँचाना प्रारम्भ कर दिया। बोर्ड के चैयरमेनों के निर्वाचन के मामले में भी राज्य सरकार ने अड़चन की, उसके लिए भी हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। कांग्रेस सरकार का प्रारम्भ से ही बोर्ड को कानून की गलत व्याख्या कर अस्थिर करने का प्रयासचल रहा है।
सरकार ने की एक तरफ़ा कार्यवाही
सफाई ठेके को लेकर भी ज्ञापन में भाजपा ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा है कि इस मामले में आयुक्त का कृत्य गम्भीर दुराचरण की परिभाषा में आता है। जिस कथित मारपीट की घटना का जिक्र किया जा रहा है वैसा कुछ हुआ ही नहीं था फिर भी एक तरफा जांच बिना पक्ष जाने निलबंन की कार्रवाई की गई।
यहां तक की जिस जांच रिपोर्ट में दोषी मानने की बात की जा रही है उसमें निगम के ही एक अधिकारी ने ऐसी किसी घटना से साफ इंकार किया है। भाजपा ने राज्यपाल से अपने अधिकारों का प्रयोग कर निलबंन आदेश को अपास्त कर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर व पार्षद अजय सिंह चैहान, पारस जैन व शंकर शर्मा का निलम्बन बहाल किरने तथा इस प्रकरण में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की हैं।
इस दौरान प्रतिनिधिमण्डल में डॉ. पूनियां के साथ नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अरूण चतुर्वेदी, जयपुर शहर सांसद रामचरण बोहरा, करौली-धौलपुर सांसद मनोज राजौरिया, जयपुर शहर अध्यक्ष राघव शर्मा, विधायक नरपत सिंह राजवी, महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर, उपमहापौर पुनीत कर्णावट मौजूद रहे।
