नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ”Tauktae” से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए बुधवार को गुजरात और केंद्र शासित क्षेत्र दीव के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और फिर एक समीक्षा बैठक के बाद राहत संबंधी तत्काल गतिविधियों के लिए 1000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।
चक्रवात से 45 लोगों ने गंवाई जान
चक्रवात के कारण गिर सोमनाथ जिले के दीव और उना शहर के बीच सोमवार को जल भराव की स्थिति बन गई थी और इससे संपत्ति को भी खासा नुकसान पहुंचा है। गुजरात में चक्रवाती तूफान के कारण तटीय इलाकों (Coastal areas) में भारी नुकसान हुआ, बिजली के खंभे तथा पेड़ उखड़ गए तथा कई घरों व सड़कों को भी नुकसान पहुंचा। इस दौरान हुई घटनाओं में करीब 45 लोगों की मौत भी हुई है। चक्रवाती तूफान के कारण 200 से अधिक तालुकाओं में बारिश हुई। एहतियाती तौर पर राज्य सरकार ने पहले ही दो लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।
Ex-gratia of Rs. 2 lakh would be given to the next of kin of those who lost their lives due to Cyclone Tauktae in all the affected states. Rs. 50,000 would be given to the injured. GOI is in full solidarity with those affected and will provide them all possible support.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 19, 2021
मरने वालों के परिजनों को मिलेंगे दो-दो लाख
पीएमओ के मुताबिक चक्रवात ‘Tauktae’ से प्रभावित सभी राज्यों में जान गंवाने वालों के परिजनों को 2 लाख रुपये सहायता राशि दी जाएगी, वहीं घायलों को 50-50 हजार दिए जाएंगे। PM मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि प्रभावित लोगों के साथ भारत सरकार पूरी एकजुटता के साथ है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
Severe Cyclone अब चक्रवाती तूफान में बदल गया
मौसम विभाग (Weather Department) ने कहा कि ताउते गुजरात के तट से “बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान” (Very Severe Cyclone) के तौर पर आधी रात के करीब गुजरा और धीरे-धीरे कमजोर होकर “गंभीर चक्रवाती तूफान” तथा बाद में और कमजोर होकर अब “चक्रवाती तूफान” में बदल गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के मुताबिक 16000 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा, 40 हजार से ज्यादा पेड़ और 70 हजार से ज्यादा बिजली के खंभे उखड़ गए जबकि 5951 गांवों में बिजली चली गई।
गुजरात, महाराष्ट्र में देखी गई है तबाही
बता दें कि चक्रवाती तूफान Tauktae ने सबसे पहले महाराष्ट्र में दस्तक दी थी, जहां सोमवार को वह आया और इस दौरान तेज़ हवाएं, बारिश हुई। महाराष्ट्र में भी तूफान के कारण 18 मौतें हुई थीं, जबकि मुंबई समेत कई इलाकों में काफी पेड़ गिरे थे। वहीं गुजरात में तो तेज हवाओं के कारण काफी नुकसान हुआ था। राज्य में दो दिन के लिए वैक्सीनेशन के कार्यक्रम को पूरी तरह रद्द कर दिया गया था।
